भोपाल। NEET UG 2026 की काउंसलिंग में दिव्यांग (PwBD) श्रेणी के तहत एमबीबीएस सीट पाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। चिकित्सा परामर्श समिति (MCC) और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, दिव्यांग कोटे की सीटों के लिए विकल्प भरने से पहले अधिकृत चिकित्सा मूल्यांकन बोर्ड से जारी पात्रता प्रमाण पत्र होना अनिवार्य होगा।
नए नियमों के तहत जिन अभ्यर्थियों के पास यह प्रमाण पत्र नहीं होगा, उन्हें काउंसलिंग पोर्टल पर दिव्यांग कोटे की सीटों का विकल्प दिखाई नहीं देगा। इसलिए अभ्यर्थियों को समय रहते सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने की सलाह दी गई है।
पात्रता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अभ्यर्थियों को नीट यूजी 2026 का स्कोर कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी यूडीआईडी (UDID) कार्ड, कार्यात्मक क्षमता संबंधी स्वयं प्रमाणित शपथ पत्र, एनएमसी के निर्धारित प्रारूप का शपथ पत्र तथा दिव्यांगता श्रेणी के अनुसार आवश्यक घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों की कड़ी जांच की जाएगी। यूडीआईडी कार्ड या अन्य दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर आवंटित एमबीबीएस सीट तत्काल निरस्त कर दी जाएगी और संबंधित अभ्यर्थी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
राज्य कोटे की 85 प्रतिशत दिव्यांग सीटों के लिए अभ्यर्थी राज्य के चिकित्सा मूल्यांकन बोर्ड से परीक्षण करा सकेंगे। वहीं, केंद्रीय काउंसलिंग के लिए जारी दिव्यांग पात्रता प्रमाण पत्र केवल शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए ही मान्य रहेगा।
