नयी दिल्ली, 03 अगस्त (वार्ता) सरकार ने निर्यात वाले पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन पर उत्पाद शुल्क सोमवार से बढ़ा दिया।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निर्यात वाले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क एक रुपया, डीजल पर 10 रुपये और विमान ईंधन पर 7.50 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया गया है। बढ़े हुए शुल्क आज से ही प्रभावी हो गये हैं।
निर्यात वाले पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) 2.50 रुपये से बढ़कर 3.50 रुपये प्रति लीटर हो गया है। डीजल के मामले में एसएईडी 15.50 रुपये से बढ़ाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। साथ ही डीजल पर 1.50 रुपये प्रति लीटर का सड़क अवसंरचना उपकर भी लगाया गया है। इस प्रकार निर्यात वाले डीजल पर कुल उत्पाद शुल्क 25.50 रुपये हो गया है।
निर्यात वाले विमान ईंधन पर उत्पाद शुल्क 14.50 रुपये से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
सरकार वैश्विक बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के अनुरूप तीनों पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर उत्पाद शुल्क तय करती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत ज्यादा होने की स्थिति में घरेलू निर्यातकों को नाजायज फायदा उठाने के रोकने के लिए शुल्क बढ़ाया जाता है ताकि घरेलू बाजार में आपूर्ति बाधित न हो। इसे विंडफॉल टैक्स के नाम से भी जाना जाता है।
आम तौर पर हर पखवाड़े इसकी समीक्षा होती है और शुल्क की नयी दरें अधिसूचित की जाती हैं।
