जबलपुर: एक तरफ यमराज बनकर बीच सड़क पर आराम फरमाते आवारा मवेशियों का झुंड, दूसरी तरफ वहीं से डर-डर निकलते लोग.. ये नजारा किसी गांव या बस्ती का नहीं बल्कि शहर के हृदय स्थल मालवीय चौक का है। आलम ये है कि पैदल भी लोग इन मवेशियों से बचकर निकलने मजबूर हो रहे हैं क्योंकि जब ये आपस में लड़ने लगते हैं तो कब किसको चोट पहुंच जाए इसका कोई भरोसा नहीं रहता है।
सामने आई तस्वीर ने नगर निगम के हाका गैंग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया। उधर स्थानीय व्यापारियों और राहगीर अब ये सवाल खड़े करते हुए भी नजर आ रहे हैं कि भैयया.. हाका गैंग वाले कर्मचारी आखिर कहां गायब हैं। जबकि निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू द्वारा हाका गैंग को स्पष्ट निर्देश हैं कि सड़क पर कहीं भी मवेशियों का झुंड न लगे और लगता है तो उन्हें तत्काल वहां से हटाया जाए लेकिन सामने आई तस्वीरों में इन निर्देशों का किस हद तक हाका गैंग ने पालन किया है ये सभी के सामने दिखाई दे रहा है।
शिकायतों के बाद भी असर नहीं
जानकारी के अनुसार शहर की बीच सड़कों पर आवारा मवेशियों का बैठना कोई नई बात नहीं है मालवीय चौक के अलावा रांझी, गलगला, करमचंद्र चौक में भी बड़ी संख्या में आवारा मवेशियों की मौजूदगी है और ये कभी भी रोड पर बैठ रहे हैं। मालवीय चौक के व्यापारियों की माने तो उनका स्पष्ट कहना है कि नगर निगम की हाका गैंग को कई बार आवारा मवेशियों को हटाने की सूचना दी गई लेकिन जमीनी स्तर पर अमले द्वारा किसी भी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
