तेहरान, 02 अगस्त (वार्ता) ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका की धमकियों, कथित अवैध सैन्य हमलों और समुद्री दबाव का डटकर मुकाबला करता रहेगा तथा आत्मरक्षा के लिए सभी उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करेगा। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में आरोप लगाया कि अमेरिका ने 18 जून को युद्ध समाप्त करने संबंधी समझौता ज्ञापन (एमओयू) का उल्लंघन करते हुए ईरानी बंदरगाहों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले जारी रखे हैं, नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रखी है, आर्थिक दबाव बढ़ाया है और अवैध धमकियां दी हैं। मंत्रालय ने कहा कि जारी नौसैनिक नाकेबंदी ‘आक्रामक कार्रवाई’ का स्पष्ट उदाहरण है। बयान में आरोप लगाया गया कि सैन्य एवं गैर-सैन्य ठिकानों, नागरिक बुनियादी ढांचे और ईरानी नागरिकों पर अमेरिकी हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का उल्लंघन हैं।
ईरान ने क्षेत्रीय देशों से कहा कि अमेरिका के कथित अवैध हमलों के जवाब में की गयी उसकी रक्षात्मक कार्रवाई को किसी भी स्थिति में उन देशों के खिलाफ हमला नहीं माना जाना चाहिए। बयान में कहा गया, “अमेरिका और उसके कुछ क्षेत्रीय साझेदारों द्वारा जहाजों को असुरक्षित और अनधिकृत दक्षिणी मार्ग से गुजरने की अनुमति देने पर जोर देने का उद्देश्य केवल समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद-5 को निष्प्रभावी करना और ईरान को अपने दायित्वों के निर्वहन से रोकना नहीं था, बल्कि यह सैन्य गतिविधियों और आवाजाही को छिपाने का माध्यम भी था।” विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय स्वतंत्रता, गरिमा और संप्रभुता की रक्षा के लिए अमेरिका-इजरायल गठबंधन के खिलाफ मजबूती से अपना बचाव जारी रखेगा।

