चेन्नई, 01 अगस्त (वार्ता) द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी शनिवार को 35 करोड़ रुपये के तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) विधायक रिश्वत मामले में ज़मानत की शर्तों के अनुसार अपने भाई आर.वी. अशोक कुमार के साथ ट्रिपलिकेन पुलिस के सामने पेश हुए।
श्री सेंथिल बालाजी करोड़ों रुपये के तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएएसएमएसी) शराब घोटाले में उच्चतम न्यायालय से अग्रिम ज़मानत मिलने और मद्रास उच्च न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट देने के लिए नयी अर्ज़ी दाखिल करने के एक दिन बाद थाने पहुंचे। दो दिन पहले ही जांच अधिकारी ने श्री सेंथिल बालाजी से एक घंटे से ज़्यादा समय तक पूछताछ की थी। शराब घोटाले में उनसे और उनके सहयोगियों से जुड़ी जगहों पर सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी निदेशालय (डीवीएसी) के छापे के कारण पूर्व मंत्री पिछले दो दिनों तक थाने में उपस्थित नहीं पाये थे। , लेकिन रिश्वत मामले में ज़मानत की शर्तों का पालन न करने पर गिरफ्तारी के डर से उन्होंने न्यायाधीश जी.के. इलन्थिरैयन के सामने एक अर्ज़ी दाखिल की थी। इसमें उन्होंने छह अगस्त तक पुलिस के सामने पेश होने से छूट मांगी थी क्योंकि उन्हें डीवीएसी मामले के संबंध में उच्चतन न्यायालय के वकीलों से सलाह लेने के लिए और समय चाहिए था।
हालांकि, वह आज थाने में पेश हुए, रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए और एक घंटे से ज़्यादा समय तक चली पूछताछ में शामिल हुए। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए श्री सेंथिल बालाजी ने दावा किया कि रिश्वत मामले में शिकायत या प्राथमिकी में उनका नाम नहीं था। फिर भी उन्हें अग्रिम ज़मानत लेने और रोज़ाना पुलिस के सामने पेश होने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह सुबह और शाम दोनों समय थाने पहुंचकर अदालत के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। टीवीके सरकार पर उनके खिलाफ़ मामले दर्ज करने में दिलचस्पी रखने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वह कानूनी रूप से उनका सामना करेंगे। टीएएएसएमएसी अनियमितताओं के मामले का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डीवीएसी ने एक अतिरिक्त मामला दर्ज किया है और उनके परिसरों और अन्य जगहों पर तलाशी ली है। उन्होंने कहा कि उन्होंने शीर्ष अदालत का दरवाज़ा खटखटाया और अग्रिम ज़मानत हासिल की। उन्होंने कहा कि उन्होंने मामलों के संबंध में अपनी कानूनी टीम से सलाह लेने के लिए कुछ दिनों तक पेश होने से छूट मांगी है और पुलिस तथा उच्च न्यायालय के सामने याचिकाएं दायर की हैं। टीएएएसएमएसी मामले में उससे जुड़े बताए जा रहे दो लोगों की गिरफ्तारी पर उन्होंने दावा किया कि उनमें से एक का नाम प्राथमिकी में भी नहीं है और कहा कि वे कानूनी तौर पर इस मामले का सामना करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का एक संबंधित मामला पहले से ही उच्चतम न्यायालय में लंबित है और डीवीएसी द्वारा दर्ज किया गया नया मामला ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। राज्य सरकार की आलोचना करते हुए श्री सेंथिल बालाजी ने कहा, “एक रचनात्मक सरकार को लोगों की बुनियादी ज़रूरतों और शिकायतों को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए। इसके बजाय टीवीके सरकार मामले दर्ज करने पर ध्यान दे रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोगों को निशाना बनाया जा रहा है और भरोसा जताया कि अदालत में ये मामले झूठे साबित होंगे। विधायकों को तोड़ने का यह मामला तब सामने आया जब टीवीके विधायक डॉ. एन. इलायराजा ने दावा किया कि श्री सेंथिल बालाजी और उनके भाई के कहने पर थिरुनुवुक्कारासु नाम के एक सहयोगी ने उनसे संपर्क किया और विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान पाला बदलने के लिए 35 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की। विधायक को तोड़ने की इस कोशिश को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की दो महीने पुरानी सरकार को गिराने की साजिश के तौर पर देखा गया। कृष्णगिरि जिले के उथंगराई निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक इलायराजा की शिकायत पर पुलिस ने अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।

