कोलकाता, 31 जुलाई (वार्ता) पश्चिम बंगाल में शनिवार से राष्ट्रीय जनगणना का पहला चरण शुरू होगा और इस बार लोगों को पहली बार ऑनलाइन खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिलेगी।
इसके तहत नागरिकों से उनके घर से जुड़ी कई जानकारियां मांगी जायेंगी, जैसे घर में इंटरनेट की सुविधा है या नहीं, एलपीजी गैस कनेक्शन है या नहीं और एक ही मकान में कितने अलग-अलग परिवार रहते हैं।
कोविड-19 महामारी के कारण 2021 से स्थगित यह राष्ट्रव्यापी प्रक्रिया देश की पहली ऐसी जनगणना होगी जिसमें ऑनलाइन खुद विवरण दर्ज कराने की सुविधा दी जा रही है। एक अगस्त से 15 अगस्त के बीच निवासी एक विशेष मोबाइल ऐप या आधिकारिक जनगणना पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी जमा कर सकते हैं। इसके बाद दूसरे चरण में सरकारी प्रगणक (इन्यूमिनेटर) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि यह सर्वेक्षण केवल आबादी गिनने तक सीमित नहीं है।
परिवारों को यह बताना होगा कि उनके पास बिजली, एलपीजी कनेक्शन, शौचालय, पेयजल सुविधा, टेलीविजन, रेडियो, कंप्यूटर, इंटरनेट पहुंच, साइकिल और मोटरसाइकिल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं या नहीं। इस बार की जनगणना की एक प्रमुख विशेषता एक ही इमारत के भीतर अलग-अलग परिवारों का रिकॉर्ड रखना है।
जनगणना अधिकारियों ने इसे केवल मकानों को ही नहीं बल्कि ‘रसोई’ को भी गिनने की प्रक्रिया बताया है—इसका तात्पर्य उन अलग-अलग परिवारों की पहचान करना है जो एक ही मकान में रहने के बावजूद अलग-अलग खाना बनाते हैं। उदाहरण के लिए, एक ही छत के नीचे रहने वाले दो भाई जो अलग-अलग गृहस्थी चलाते हैं, उन्हें अलग परिवारों के रूप में गिना जायेगा।
सेल्फ-इन्यूमरेशन चुनने वाले नागरिकों को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए 34 सवालों के जवाब देने होंगे। इस प्रक्रिया के लिए परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर, मकान नंबर, गली का नाम, पिन कोड और ईमेल आईडी (वैकल्पिक) जैसे विवरण देने होंगे। नागरिक उपग्रह-आधारित डिजिटल मानचित्रों का उपयोग करके अपने घरों का सटीक स्थान भी दर्ज कर सकते हैं। सात चरणों के फॉर्म को पूरा करने के बाद, उपयोगकर्ताओं को 11 अंकों का एक पहचान नंबर (आईडी) प्राप्त होगा।
जनगणना का दूसरा चरण 16 अगस्त से 14 सितंबर तक चलेगा, जब प्रशिक्षित प्रगणक सत्यापन और जानकारी एकत्र करने के लिए घर-घर जाएंगे। देशभर में पर्यवेक्षक इस काम की निगरानी करेंगे।
उत्तर 24 परगना जिले की ज़िलाधिकारी शिल्पा गौरीसरिया ने बताया कि प्रशासन ने इस प्रक्रिया की तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में 22 ब्लॉक चार्ज कार्यालय, 25 नगर पालिका चार्ज कार्यालय और बैरकपुर छावनी तथा नवदिगंत औद्योगिक टाउनशिप के लिए अलग कार्यालय स्थापित किए गए हैं। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 5 अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि 341 स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाए गए हैं।
जनगणना प्रक्रिया के दौरान निवासियों की सहायता के लिए एक जिला हेल्पलाइन भी शुरू की गयी है। दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने इस कार्य के लिए 37 कार्यालय स्थापित किए हैं। इसी तरह अन्य जिलों में भी हेल्पलाइन शुरू की गयी हैं।
