भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार ने भवन निर्माण अनुमति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत कई विभागों से अलग-अलग अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी होगी और डिजिटल दस्तावेजों को ही वैध माना जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से आम नागरिकों, बिल्डरों और निवेशकों को समय की बचत होगी तथा अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं में कमी आएगी। नई प्रणाली से आवेदन की ऑनलाइन निगरानी भी संभव होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जा सकेगा। संबंधित विभागों को नई व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
