गुना: जिले में पांव पसार चुका अवैध नशे का कारोबार अब जानलेवा साबित होने लगा है। ताजा मामला फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के कुड़का गांव से सामने आया है, जहां 40 वर्षीय किसान नरेंद्र पिता शार्दुल सिंह की नशे की लत के चलते दर्दनाक मौत हो गई।इस घटना ने न केवल एक हँसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि जिले में धड़ल्ले से चल रहे नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक के शव के पास से खाली इंजेक्शन और नशीली दवाइयों की शीशियां बरामद हुई हैं। बताया जा रहा है कि दवाइयों में स्मैक का खतरनाक मिश्रण बनाकर नशा किया जाता था। आशंका जताई जा रही है कि इसी जानलेवा नशे के ओवरडोज के कारण किसान की मौत हुई है।
इस घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि हादसे से ठीक एक दिन पहले ही पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने फतेहगढ़ क्षेत्र में नशा मुक्ति अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया था और नशा न करने की शपथ दिलाई थी। इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम के अगले ही दिन हुई इस मौत ने यह साफ कर दिया है कि केवल अभियानों और कागजी दावों से धरातल पर स्थिति बदलने वाली नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक नशा बेचने वाले गिरोहों और तस्करों पर कड़ी सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसों को रोक पाना नामुमकिन है।बता दें कि फतेहगढ़ थाना क्षेत्र का अधिकांश इलाका राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है यहां आए दिन मादक पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं।
