
संजय बाजपेई
धार। धार के चर्चित भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा आदेश जारी किया है। मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने भोजशाला परिसर से सटी दरगाह की जमीन पर जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी है। कोर्ट के इस स्पष्ट रुख से लंबे समय से चले आ रहे नमाज के स्थान को लेकर बने गतिरोध पर विराम लग गया है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के अनुसार, मुस्लिम समुदाय को भोजशाला परिसर के ठीक बगल में स्थित दरगाह की भूमि (खसरा नंबर 596) पर प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक नमाज पढ़ने की मंजूरी दी गई है। इससे पहले स्थानीय प्रशासन ने नमाज के लिए विवादित स्थल से लगभग 1.3 किलोमीटर दूर एक वैकल्पिक जगह तय की थी, जिस पर मुस्लिम पक्ष ने असहमति जताई थी। इस असहमति के बाद मामला शीर्ष अदालत पहुंचा, जहां सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सभी समुदायों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा करना शासन व प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी
मुस्लिम पक्ष ने नज़दीक ही जगह देने की मांग की
मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी ने अदालत को बताया कि प्रशासन नमाज के लिए विवादित परिसर से लगभग 1.3 किलोमीटर दूर स्थान उपलब्ध करा रहा है, जो व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक स्थान ऐसा होना चाहिए जो परिसर के निकट हो और जहां से मस्जिद दिखाई देती हो। उन्होंने इसके लिए साइट प्लान में दर्ज खसरा नंबर 596 का उल्लेख किया। हुजैफा अहमदी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर उचित व्यवस्था नहीं की गई ।
