बर्लिन, 30 जुलाई (वार्ता) जर्मनी ने लिपजिग हवाई अड्डे से एक विशेष चार्टर उड़ान के जरिए अफगान नागरिकों के एक और समूह को काबुल डिपोर्ट (निष्कासित) कर दिया है। सरकार की इस कार्रवाई के खिलाफ हवाई अड्डे के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगान नागरिकों समेत करीब 250 लोगों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और सरकार से अफगानिस्तान में लोगों की वापसी रोकने की मांग की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि इस तरह की निष्कासन प्रक्रिया को सामान्य नहीं बनने दिया जाना चाहिए और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। प्रदर्शनों के बावजूद चार्टर विमान मंगलवार तड़के काबुल के लिए रवाना हो गया।
सक्सोनी राज्य के गृह मंत्री अर्मिन शूस्टर ने बताया कि इस उड़ान से भेजे गए सभी 30 अफगान नागरिक बार-बार अपराध करने वाले और बेहद खतरनाक अपराधी थे। ये लोग गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने, हिंसक अपराधों, नशीली दवाओं की तस्करी और हमलों जैसे मामलों में सजा काट चुके हैं। हालांकि, प्रवासियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि डिपोर्ट किए गए लोगों में से एक पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। गौरतलब है कि वर्ष 2021 में अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन के बाद जर्मनी ने निष्कासन पर रोक लगा दी थी, लेकिन गंभीर अपराधों में शामिल अफगान नागरिकों को वापस भेजने की प्रक्रिया 2025 में फिर से शुरू कर दी गयी।

