सागर : मध्य प्रदेश के सागर जिला मुख्यालय पर स्थित बुंदेलखंड शासकीय मेडिकल कॉलेज मे कॉम्प्रिहेन्सिव प्राइमरी हेल्थ केयर कार्यक्रम के अंतर्गत दमोह, पन्ना एवं सागर जिले के 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का तीन दिवसीय VIA (Visual Inspection with Acetic Acid) त्रिदिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर पहचान एवं स्क्रीनिंग की क्षमता विकसित करना था, ताकि महिलाओं में इस गंभीर बीमारी का प्रारंभिक अवस्था में निदान एवं समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. जागृति नगर, डॉ. प्रियंका तिवारी, डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. रुचि जायसवाल, डॉ. सिफ्ती बंगा, डॉ. रिंशु सुजोरिया , डॉ. रिया एवं डॉ. पूजा सिंह द्वारा प्रतिभागियों को VIA स्क्रीनिंग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में स्क्रीनिंग तकनीक, संक्रमण नियंत्रण, रिपोर्टिंग, केस चयन एवं हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागियों का पोस्ट-टेस्ट एवं कौशल मूल्यांकन भी किया गया।
प्रशिक्षण का पर्यवेक्षण (Observer) डॉ. संदीप गौतम, नोडल ऑफिसर), एन.सी.डी. जिला सागर द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों को राष्ट्रीय कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अपने-अपने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं की नियमित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कर सकेंगे। इससे रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा सर्वाइकल कैंसर से होने वाली जटिलताओं एवं मृत्यु दर में कमी लाने में सहायता मिलेगी।
महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग एवं मार्गदर्शन से आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्राथमिक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान एवं रोकथाम को सशक्त बनाने के साथ-साथ महिला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। प्रशिक्षण का समापन सफलतापूर्वक हुआ। सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, व्यवहारिक एवं ज्ञानवर्धक बताया। यह प्रशिक्षण महिला स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने तथा राष्ट्रीय सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
