शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा पर भारतीय ज्ञान परंपरा का हुआ सम्मान

इंदौर:शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए. कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव के संरक्षण, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. वी.पी. बैरागी के मार्गदर्शन तथा आईक्यूएसी प्रभारी प्रो. मनीषा जोशी के निर्देशन में संपन्न हुआ.

मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. मीनाक्षी स्वामी ने भारतीय ज्ञान परंपरा के परिप्रेक्ष्य में गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान नहीं देते, बल्कि व्यक्तित्व, संस्कार और जीवन मूल्यों का निर्माण भी करते हैं. प्रो. सुधीर कुमार छारी ने चाणक्य-चंद्रगुप्त की प्रेरक कथा और कविता के माध्यम से भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान को रेखांकित किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गुरु पूर्णिमा संदेश का लाइव प्रसारण तथा गुरु-शिष्य संबंधों पर आधारित वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया.

प्रो. देवेंद्र कुमरे ने स्वरचित गुरु वंदना प्रस्तुत की, जबकि छात्राओं प्रेरणा पवार, रूपाली त्रिपाठी, वैदेही जैन एवं जाह्नवी श्रोतिया ने गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को गरिमामय बनाया. प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव ने गुरु गुड़, चेला शक्कर की लोकोक्ति के माध्यम से गुरु के सम्मान, नैतिक मूल्यों और भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्व बताया. अंत में छात्राओं ने सभी गुरुजनों का तिलक, श्रीफल एवं श्रीपट भेंटकर सम्मान किया. कार्यक्रम में प्रो. विनीता वर्मा, प्रो. मनीषा जोशी, प्रो. वनश्री गोडबोले, प्रो. दीपिका सेठे, प्रो. आरती चौहान एवं प्रो. मयूरी यशोधरा सहित महाविद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता रही

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