जबलपुर:भ्रूण परीक्षण और अवैध रूप से गर्भपात कराने के मामले में जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है वैसे वैसे नए खुलासे हो रहे है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि डॉली जायसवाल उर्फ खुशी द्वारा जबलपुर के अन्य सोनोग्राफी केन्द्रों में भी इस प्रकार की गतिविधियां संचालित की जाती थी। इसके अलावा पुलिस ने रिसेप्शनिस्ट, कंप्यूटर ऑपरेटर चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए तो चौंकाने वाली बात सामने आई है कि सोनोग्राफी सेंटर की कर्मचारी सूरज पाल, योगेश्वर दुबे एवं अन्य द्वारा सोनोग्राफी से संबंधित किसी भी प्रकार का पैरामेडिकल या मेडिकल कोर्स नहीं किया गया था।
सोनोग्राफी सेंटर के संचालक द्वारा धोखाधड़ी कर अयोग्य कर्मचारियों से सोनोग्राफी सेंटर का संचालन कर काली कमाई की जाती थी। साथ ही जांच में यह बात सामने आई किबिना रजिस्ट्रेशन के अनियमित रूप से डिजिटल एक्सरे एवं सोनोग्राफी सेंटर का संचालन किए जा रहे थे। शासन द्वारा निर्धारित फीस का भुगतान न कर शासन को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा था। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद आर के डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर, मालवीय चौक के संचालक डॉ. राजेन्द्र कुमार अग्रवाल 73 वर्ष निवासी चेरीताल कोतवाली, सरल सोनोग्राफी सेंटर अधारताल संचालक डॉ. सतीश अग्रवाल 69 वर्ष निवासी साउथ सिविल लाईन को प्रकरण में गिरफ्तार कर लिया है।
विदित हो कि मालवीय चौक स्थित डिजिटल एक्स-रे सोनोग्राफी और अधारताल स्थित सरल डायग्नोस्टिक सेंटर में अवैध तरीके से भ्रूण परीक्षण कराने के बाद गर्भपात कराये जाने की सूचना पर ऑपरेशन गरिमा के तहत छापेमारी हुई थी। जिसमें यह बा सामने आई कि भ्रूण परीक्षण के लिए 15000 रूपए में सौदेबाजी होती थी बल्कि बालिका होने पर गर्भपात कराने के लिए लाखों रूपए ऐंठे जाते थे । दोनों सेंटरों को सील किया जा चुका है। संचालकों समेत अ न्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ ही अहम दस्तावेज, भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाली मशीन जब्त की जा चुकी है।
डॉली ऐंठती थी मोटी रकम
जांच में यह बात सामने आई कि क्लीनिक में डॉली जायसवाल उर्फ खुशी नाम की एजेंट काम करती थी। महिला मरीजों को उक्त क्लीनिक में लाकर भू्रण लिंग परीक्षण कराने के लिए अवैध रूप से मोटी रकम वसूल करती थीं । डॉली जायसवाल उर्फ खुशी के कब्जे से लगभग नगद 35000 राशि बरामद करते हुये विधिवत जप्त की गई है।
जब्त मोबाइल में मिले सबूत, फोटोग्राफ
डॉ. राजेन्द्र अग्रवाल एवं डॉली जायसवाल उर्फ खुशी के मोबाईल फोन विधिवत जप्त किया गया। मोबाईल की प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया भू्रण लिंग परीक्षण से संबंधित फोटो एवं गर्भसमापन के फोटोग्राफ प्राप्त हुए है।
मालवीय चौक में जांच, अधारताल मेें गर्भपात
डोली जायसवाल नेे पूछताछ के दौरान बताया कि आर के सोनोग्राफी सेंटर में आने वाले महिला मरीज के भू्रण का लिंग परीक्षण उपरांत उक्त महिलाओं को गर्भपात के लिए सरल सोनोग्राफी सेंटर अधारताल रेफर किया जाता था जहां गर्भपात किया जाता था।
