
मंदसौर। शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं और कुत्तों की बढ़ती संख्या अब नागरिकों की सुरक्षा और नगर की स्वच्छता व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बस स्टैंड, गांधी चौराहा, नगरपालिका कार्यालय के सामने सहित कई प्रमुख मार्गों पर दिनभर गाय, बैल, सांड और आवारा कुत्तों का जमावड़ा देखा जा सकता है। इससे यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
शहरवासियों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा अलावदाखेड़ी में कांजी हाउस का निर्माण कराया गया है, लेकिन उसका अपेक्षित उपयोग नहीं होने से अधिकांश घुमंतू पशु सड़कों पर ही विचरण करते नजर आते हैं। कई स्थानों पर ये पशु कचरे के ढेर में भोजन तलाशते दिखाई देते हैं, जिससे स्वच्छता अभियान की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे अधिक परेशानी बस स्टैंड क्षेत्र में देखी जा रही है। रात के समय कचरा समय पर नहीं उठने से यहां बड़ी संख्या में पशु और कुत्ते एकत्र हो जाते हैं। यात्रियों और राहगीरों को इनके बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका के साथ-साथ असुविधा भी बढ़ रही है।
फोटो पत्रकार अंसारी ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति को कैमरे में कैद किया है। उनके सहयोगी ने फोटो और वीडियो के माध्यम से शहर की मौजूदा तस्वीर सामने रखी है। इन दृश्यों में प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आवारा पशुओं तथा फैली गंदगी की स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
शहर के नागरिकों का कहना है कि समस्या का समाधान केवल अभियान चलाने से नहीं, बल्कि नियमित और प्रभावी कार्रवाई से संभव है। उन्होंने मांग की है कि कांजी हाउस का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए, आवारा पशुओं को सड़कों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए, आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए तथा बस स्टैंड सहित सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई व्यवस्था लागू की जाए।
यदि समय रहते इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में दुर्घटनाओं, गंदगी और जन असुविधा की समस्या और गंभीर हो सकती है। शहरवासी अब नगर पालिका से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाली कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।
