छात्राओं ने छात्रावास की खोली पोल

सिंगरौली । बैढ़न स्थित अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। जनसुनवाई में पहुंची छात्राओं ने खराब भोजन, जबरन घरेलू कार्य कराने, अभद्र व्यवहार तथा छात्रावास में पुरुष के रहने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में छात्राओं ने लिखित शिकायत सौंपते हुए बताया कि छात्रावास में उन्हें नियमित रूप से घटिया गुणवत्ता का भोजन दिया जा रहा है। उनका कहना है कि कई दिनों तक एक ही प्रकार की सब्जी परोसी जाती है और शिकायत करने पर जिम्मेदारों की ओर से संतोषजनक जवाब देने के बजाय अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। इससे छात्राओं के स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास अधीक्षिका के पति द्वारा उनसे रोटी बनवाने, रसोई का काम कराने और साफ.-सफाई जैसे कार्य कराए जाते हैं। उनका कहना है कि इन कार्यों के कारण पढ़ाई प्रभावित होती है। साथ ही आरोप लगाया गया कि अधीक्षिका के पति द्वारा छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।

डिप्टी कलेक्टर को सौपी जांच

शिकायत में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया कि कन्या छात्रावास में पुरुषों के प्रवेश और ठहरने पर प्रतिबंध होने के बावजूद अधीक्षिका का पति वहीं रह रहा है। छात्राओं का कहना है कि इससे वे लंबे समय से असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उनका दावा है कि पहले भी शिकायतें की गईं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें जनसुनवाई का सहारा लेना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही जांच के निर्देश दिए। आदिवासी विभाग की सहायक संचालक रेखा पांचाल ने बताया कि डिप्टी कलेक्टर सौम्या मिश्रा तथा क्षेत्र संयोजक गिरजा साहू के साथ छात्रावास पहुंचकर पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगेए उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सामने आने के बाद छात्रावासों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्राओं का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण और प्रभावी मॉनिटरिंग होती, तो उन्हें अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट नहीं आना पड़ता। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

एक ही सब्जी रोज, छात्राएं परेशान, निगरानी फेल

बैढ़न स्थित अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास के छात्राओं ने कलेक्ट्रोरेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुंच अपनी समस्या सुनाते हुये बताया कि यहां लम्बे समय से एक ही तरह की सब्जी परोसी जा रही है, जिसकी गुणवत्ता भी ठीक नही है। शिकायत करने पर अधीक्षिका के द्वारा कहा जाता है कि खाना खाना हो तो खाइए, नही तो घर जाओ। यहां समस्या का निदान नही हो रहा है। इधर बताया जा रहा है कि नियमित मॉनिटरिंग विभाग के अधिकारी नही करते,जिसके चलते आज मजबूर होकर कलेक्ट्रोरेट के चौक पर आना पड़ा।

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