
नयी दिल्ली, 28 जुलाई (वार्ता) भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि ओडिशा सांसद धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें दूसरा मंत्रीपद का प्रस्ताव दिया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसे “काल्पनिक” और “निराधार” करार देते हुए संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर आने के बाद श्री प्रधान को कोई दूसरा मंत्रालय दिए जाने की खबरों में कोई सचाई नहीं है। उल्लेखनीय है कि जंतर मंतर पर हुए आंदोलन की मुख्य मांग श्री प्रधान का मंत्रिमंडल से इस्तीफे की थी। करीब एक महीने तक चले इस आंदोलन का पटाक्षेप ही तब हुआ जब श्री प्रधान ने अपने पद को छोड़ने का ऐलान किया।
शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफे की घोषणा के बाद पहली बार अपने गृह राज्य ओडिशा पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान का मंगलवार को भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर भी जोरदार स्वागत हुआ। हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही कई भाजपा नेताओं ने उन्हें घेर लिया और उनके प्रति एकजुटता दिखाते हुए “धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद” के नारे लगाए।एक तरफ जहां सत्तारूढ़ गठबंधन उनका गर्मजोशी से स्वागत कर रहा था, वहीं कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस स्वागत समारोह की तीखी आलोचना करते हुए इसे भारत के युवाओं का अपमान बताया। सोमवार को संसद में प्रधान के हुए भव्य स्वागत का मुद्दा मंगलवार को लोकसभा में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई अन्य विपक्षी नेताओं ने भी उठाया।श्री प्रधान ने शनिवार को कहा था कि उनका इस्तीफा छात्रों के भविष्य की रक्षा करने और “राष्ट्र विरोधी ताकतों” को पेपर लीक विवाद का फायदा उठाने से रोकने के उद्देश्य से दिया गया था |
