बालाघाट:जिले के बैहर विकासखंड के ग्राम मंडवा में समय पर मिले चिकित्सकीय उपचार से सर्पदंश पीड़ित पवन सोनवाने की जान बच गई। यह घटना साबित करती है कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना ही सबसे प्रभावी उपाय है।जानकारी के अनुसार विगत 2 दिनों के पहले की शाम पवन सोनवाने को विषैले कोबरा सांप ने तीन-चार स्थानों पर काट लिया।
उनकी हालत बिगड़ने पर परिजनों ने बिना समय गंवाए उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिठली पहुंचाया। वहां डॉ. सौरभ उइके और स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्काल एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) देकर उपचार शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला चिकित्सालय बालाघाट रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज के बाद उनकी हालत सामान्य हो गई और वे अब खतरे से बाहर हैं। जिसका 27 जुलाई की दोपहर 12 बजे भर्ती हैं उपचार जारी हैं।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैहर अर्पित गुप्ता के मार्गदर्शन में चल रहे जनजागरूकता अभियान का सकारात्मक असर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सर्पदंश की किसी भी घटना में अंधविश्वास से बचें और मरीज को तुरंत निकटतम शासकीय अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर वैज्ञानिक उपचार ही सर्पदंश से जीवन बचाने का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।
