
वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका और सऊदी अरब के बीच प्रस्तावित परमाणु सहयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम से जुड़े सहयोग पर बातचीत आगे बढ़ रही है। इस घटनाक्रम को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब क्षेत्र में ईरान और इजराइल सहित कई देशों के बीच सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं।
रक्षा और सामरिक मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी भी परमाणु सहयोग समझौते को अंतिम रूप दिया जाता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा मानकों और वैश्विक अप्रसार नियमों के अनुरूप होना होगा। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि क्षेत्र में किसी भी नए परमाणु कार्यक्रम को लेकर पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय निगरानी बेहद आवश्यक है, ताकि हथियारों की होड़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। फिलहाल इस संबंध में कोई अंतिम आधिकारिक समझौता सार्वजनिक नहीं किया गया है और सभी पक्षों की ओर से कूटनीतिक बातचीत जारी है।
