
इंदौर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को इंदौर की छावनी अनाज मंडी में एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) विरोधी किसान संकल्प दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जिलेभर से बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए और ऐसे किसी भी मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करने का संकल्प लिया, जिससे भारतीय कृषि, किसानों की आय और देश की खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने एफटीए के विरोध में जोरदार नारेबाजी की तथा अमेरिकी सरकार और एफटीए का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विदेशी कृषि उत्पादों के आयात को बढ़ावा देने वाले समझौते भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ हैं और इससे देश की कृषि व्यवस्था पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
प्रदर्शन का नेतृत्व रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव, चंदन सिंह बड़वाया, शैलेंद्र पटेल और सोनू शर्मा ने किया। किसान नेताओं ने कहा कि भारतीय किसान पहले से ही बढ़ती खेती लागत, प्राकृतिक आपदाओं, फसल के उचित मूल्य की समस्या और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में यदि सस्ते विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आए, तो देश के करोड़ों किसानों की आजीविका प्रभावित होगी।
नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी ऐसे मुक्त व्यापार समझौते पर पुनर्विचार किया जाए, जिससे कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की संभावना हो। उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसानों की चिंताओं की अनदेखी करती है तो संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने एकजुट होकर भारतीय कृषि और किसान हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से
रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव, चंदन सिंह बड़वाया, शैलेंद्र पटेल, सोनू शर्मा , डीएस मिश्रा, मनोज हार्डिया सहित संयुक्त किसान मोर्चा के अनेक पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
