नई दिल्ली, देशभर के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, जंतर-मंतर की पुलिस कार्रवाई और सोनम वांगचुक के अस्पताल प्रकरण पर गहरी चिंता जताई है। एम्स, सफदरजंग, और राजस्थान-महाराष्ट्र के डॉक्टरों के संगठनों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।

एम्स और सफदरजंग डॉक्टरों के गंभीर सवाल
एम्स और सफदरजंग अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर हुए बल प्रयोग तथा पुलिसकर्मियों द्वारा नेमप्लेट छिपाए जाने की स्वतंत्र जांच की मांग की है। साथ ही, उन्होंने अस्पताल के भीतर भारी सुरक्षा व्यवस्था और सोनम वांगचुक को चिकित्सा सलाह के खिलाफ छुट्टी (LAMA) न दिए जाने पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
NEET सुधार और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा
देशभर के रेजिडेंट डॉक्टरों ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की पारदर्शी जांच और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में कड़े सुधार करने की पुरजोर मांग की है। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष के अनुसार, डॉक्टरों का यह रुख अब केवल परीक्षा तक सीमित न रहकर लोकतांत्रिक अधिकारों, चिकित्सा नैतिकता और संस्थागत स्वतंत्रता के बड़े मुद्दों से जुड़ चुका है।

