अरावली मामलों पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने मांगे सुझाव

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (वार्ता) उच्चतम न्यायालय की ओर से गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने अरावली पहाड़ियों और पर्वतमालाओं से जुड़े मामलों तथा उनसे संबंधित मुद्दों पर हितधारकों, पर्यावरणविदों, संरक्षणवादियों, स्थानीय समुदायों और अन्य इच्छुक व्यक्तियों एवं संस्थाओं से सुझाव और अभ्यावेदन आमंत्रित किये हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए बताया कि उच्चतम न्यायालय ने गत 25 मई को पारित आदेश के तहत समिति का गठन किया था। समिति को अरावली पहाड़ियों और पर्वतमालाओं से जुड़े मामलों तथा सहायक मुद्दों की जांच कर 31 अगस्त तक अपनी व्यापक रिपोर्ट न्यायालय को सौंपनी है।

समिति ने दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात तथा अन्य राज्यों के हितधारकों, पर्यावरणविदों, संरक्षणवादियों, गैर-लाभकारी संगठनों, खनन पट्टा धारकों, परियोजना प्रस्तावकों, ग्रामीणों, किसानों, खदान श्रमिकों, स्थानीय समुदायों तथा अन्य इच्छुक व्यक्तियों एवं संस्थाओं से सुझाव मांगे हैं, जिनकी आजीविका और कल्याण अरावली क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र एवं जैव विविधता से जुड़े हैं या जो इन मुद्दों से प्रभावित हो सकते हैं। मंत्रालय के अनुसार, सभी हितधारकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने सुझाव और अभ्यावेदन, जहां तक संभव हो दस्तावेजी साक्ष्यों अथवा अन्य सत्यापन योग्य सामग्री के साथ, इस सूचना के प्रकाशन की तिथि से 21 दिनों के भीतर समिति को ई-मेल अथवा इस उद्देश्य के लिए तैयार विशेष गूगल फॉर्म के माध्यम से भेजें।

.....

Next Post

शाजापुर में शिक्षक की मौत के मामले की जांच शुरू, व्हाट्सएप संदेश भी जांच के दायरे में 

Tue Jul 21 , 2026
शाजापुर। जिले के मक्सी थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल के शिक्षक की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, शिक्षक की मौत रेलवे ट्रैक पर हुई। घटना से पहले उन्होंने एक व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश साझा किया था, जिसमें कुछ लोगों पर मानसिक रूप से परेशान करने […]

You May Like