
विंध्यनगर । जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय ढोटी में गत दिवस रविवार को हुई करीब आधे घंटे की तेज बारिश ने शिक्षा विभाग और प्रशासन की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी।
बारिश शुरू होते ही विद्यालय की छत से पानी टपकने लगा और देखते ही देखते कक्षाओं तथा परिसर में पानी भर गया। ऐसे हालात में मासूम छात्र-छात्राओं को भीगते और असुरक्षित माहौल में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जबकि शिक्षकों को भी शिक्षण कार्य संचालित करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र में स्थित सरकारी विद्यालय की यह दुर्दशा है, तब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति कितनी भयावह होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। लोगों का आरोप है कि हर वर्ष बरसात से पहले विद्यालय भवनों की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। अभिभावकों ने चिंता जताते हुए कहा कि जर्जर भवनों में बच्चों की पढ़ाई कराना उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ है। यदि समय रहते छतों की मरम्मत और भवनों का रखरखाव नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। स्थानीय लोगों ने कलेक्टर एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि जिले के सभी शासकीय विद्यालयों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, जर्जर भवनों की सूची तैयार कर मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर कराया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए, ताकि बरसात के मौसम में बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके।
