
आलीराजपुर, जब धरती प्यासी हो *, खेत आँचल पसारे हों और किसान की आँखें आकाश की ओर लगी हों*…
तब आस्था ही वो सहारा बनती है जो उम्मीद की बूंदें बरसाती है। ऐसी ही मंगल कामना लेकर शनिवार को *बोरखड़ स्थित माँ मनकामनेश्वरी माता मंदिर* का प्रांगण भक्तिरस में डूब गया। यहाँ “अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि और जनकल्याण” के लिए एक भव्य *सामूहिक उजावनी कार्यक्रम* का आयोजन किया गया।
*भक्ति से भरा हर पल*
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार से हुई। पुरोहितों के स्वर में गूंजते श्लोक और श्रद्धालुओं की बंद आँखें… मानो पूरा वातावरण माँ के चरणों में झुक गया हो।
इसके बाद श्रद्धालुओं ने एक स्वर में *108 बार सुंदरकांड* का पाठ किया। वीर बजरंगबली को *108 चोले* अर्पित कर शक्ति और रक्षा की प्रार्थना की गई।
सबसे भावुक पल तब आया जब *माँ नर्मदा के पावन जल* से *भगवान शिव* का रुद्राभिषेक किया गया। जल की हर बूंद के साथ श्रद्धालुओं ने यही प्रार्थना की — “हे भोलेनाथ, हे मैया… हमारे खेतों में हरियाली दो, हमारे घरों में खुशहाली दो।”
*जनसैलाब उमड़ा*
महिलाएं, युवा, बुजुर्ग… सबने जाति, वर्ग से ऊपर उठकर एक ही थाली में प्रसाद पाया, एक ही सुर में भजन गाए। पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और जयघोष गूंजते रहे। महाआरती के समय तो ऐसा लगा मानो स्वर्ग से देवता भी दर्शन करने उतर आए हों।
इस पावन अनुष्ठान में *आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री महेश पटेल जी* और *जोबट विधायक श्री सेना महेश पटेल जी* भी सपरिवार शामिल हुए।
विधायक जी ने भावुक होकर कहा —
_”यह केवल पूजा नहीं है। यह हमारे क्षेत्र के हर किसान, हर माँ, हर बच्चे के बेहतर कल की प्रार्थना है। माँ मानकामनेश्वरी, भोलेनाथ और बजरंगबली की कृपा से हमारे क्षेत्र में अवश्य भरपूर वर्षा होगी और सुख-शांति का वास होगा।”_
*संदेश एक ही था*
धर्म हमें जोड़ता है, आस्था हमें शक्ति देती है और सामूहिक प्रार्थना चमत्कार कर सकती है।
कार्यक्रम के अंत में महाआरती हुई और विशाल भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
