उप मुख्यमंत्री ने मार्तण्ड स्कूल तथा सेंट्रल लाइब्रेरी के निर्माण का लिया जायजा

रीवा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने शासकीय मार्तण्ड उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 में चल रहे निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें.

उन्होंने निर्माण एजेंसी को तय समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा कराने की हिदायत दी. निरीक्षण के समय पूर्व पार्षद सतीश सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल मिश्रा, प्राचार्य सुदामालाल गुप्ता तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने बैजूधर्मशाला के पास स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी के नवीन भवन का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि भवन का निर्माण कार्य पूरा करा कर 15 अगस्त तक लोकार्पण करायें. इसमें किताबों और पत्रपत्रिकाओं के पढऩे की व्यवस्था के साथ ई-लाइवब्रेरी की व्यवस्था करें. अब सभी विद्यार्थी इंटरनेट के माध्यम से जानकारियाँ प्राप्त करते हैं. ई-लाइवब्रेरी उपकरण तथा कम्प्यूटर आपरेटर की 15 अगस्त तक व्यवस्था कर लें. निर्माण कार्य तय समय सीमा में अनिवार्य रूप से पूरा करायें. उप मुख्यमंत्री ने सेंट्रल लाइब्रेरी में अध्ययनरत बच्चों से भी संवाद किया. निरीक्षण के समय पार्षद समीर शुक्ला, राजगोपाचारी मिश्रा, लोक निर्माण विभाग तथा हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. वही उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए . उप मुख्यमंत्री ने आचार्य श्री विजयसागर जी महाराज के परम शिष्य आचार्य समयसागर महाराज तथा अतुल सागर महाराज के भव्य मंगल प्रवेश में शामिल हुए. उप मुख्यमंत्री ने जैन संत मुनियों से आशीर्वाद प्राप्त किया. इस दौरान समाज के लोग मौजूद रहे.

उप मुख्यमंत्री ने हरिहरपुर में प्राकृतिक खेती का किया अवलोकन

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने हरिहरपुर में प्राकृतिक खेती के विभिन्न प्रकल्पों का निरीक्षण किया. उन्होंने प्राकृतिक विधि से उत्पादित विभिन्न सब्जियों हल्दी आदि के संबंध में जानकारी ली. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती से ही हमे शुद्ध अनाज और फल सब्जियां प्राप्त होंगी. इनके सेवन से हम सब स्वस्थ्य रहेंगे. गौमाता की सेवा और प्राकृतिक खेती को हम सब किसान अपनी जीवन पदद्धति का अंग बनाये. प्राकृतिक खेती से ही माटी का भी स्वास्थ्य सुधरेगा. रासायनिक खाद और कीटनाशकों के फसलों में उपयोग से माटी को पोषक बनाने वाले सूक्ष्म जीवाणु नष्ट हो जाते हैं. प्राकृतिक खेती से माटी में धीरे-धीरे इन जीवाणुओं का विकास होता है. इनके द्वारा मिट्टी को पोषक और मुलायम बनाया जाता है जिसके कारण मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ती है. प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है.

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