इंदौर: शुक्रवार को शहर के एक होटल में इंदौर संभाग के नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों की संभाग स्तरीय क्षमता वर्धन कार्यशाला आयोजित की गई. प्रदेश नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा उक्त कार्यशाला में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता सर्वेक्षण के नए नियमों से संबंधित जानकारी दी गई.आज शहर के एक होटल में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने संभाग स्तरीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का शुभारंभ किया.
महापौर भार्गव ने कहा कि देश में स्वच्छ भारत मिशन लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है. इंदौर उक्त अभियान का राष्ट्रीय रोल मॉडल बन चुका है. उन्होंने कहा कि इंदौर में लागू किए गए कई नवाचार अब देशभर के लिए गाइडलाइन का रूप लिए जा रहे हैं. कार्यशाला का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को आधुनिक शहरी कचरा प्रबंधन और स्वच्छता से जुड़े नए नियमों एवं व्यवहारिक प्रक्रियाओं से अवगत कराना है.
इसमें स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, रीसाइक्लिंग, संसाधनों के पुनः उपयोग और नागरिक सहभागिता को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया. शहरों को स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया. उन्होंने बताया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026 के नए नियमों के अध्ययन, जानकारी जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया है. इस अवसर पर बुरहानपुर की महापौर माधुरी पटेल सहित इंदौर संभाग के विभिन्न नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर परिषदों के अध्यक्ष और पार्षद उपस्थित थे
