इंदौर: कलेक्टर कार्यालय स्थित कॉलोनी सेल विभाग से कथित रूप से सीलिंग की जमीन पर अनुमति ले ली गई. उक्त जमीन पर प्लॉट काटकर बेच दिए गए. कॉलोनी राऊ के पूर्व विधायक के समर्थक भाजपा नेता ने कॉलोनी की फर्जी एनओसी के आधार पर रेरा पंजीयन भी करा लिया. इतना ही नहीं कॉलोनी में 1 हजार से 3 वर्गफुट के प्लॉट तक जनता को बेच दिए. मामले का खुलासा एक अन्य बिल्डर द्वारा पास की जमीन पर कॉलोनी सेल विभाग से अनुमति मांगने पर हुआ. इसके बाद एसडीएम द्वारा जारी अनुमति को कलेक्टर ने आदेश पर एडीएम ने अनुमति देकर निरस्त करने केजे कार्रवाई की.
मामला हातोद के गांव सोनगिर का है. उक्त गांव में राऊ के पूर्व विधायक जीतू जिराती समर्थक भाजपा पार्षद पति निलेश चौधरी एवं उनके भाई दिनेश, सुनील और अन्य की पारिवारिक सदस्य के नाम से जमीन है. निलेश चौधरी ने सोनागिर गाँव में स्वस्तिक ग्रैंड नाम से 17 हेक्टेयर जमीन पर 271 प्लॉटों की कॉलोनी काटी है. कॉलोनी में 1 हजार से 3 हजार वर्ग फीट तक के प्लॉट कटे हुए है. उक्त स्वास्तिक ग्रैंड कॉलोनी की जमीन में सीलिंग की जमीन शामिल है.
उक्त जमीन की वर्तमान कीमत 2 सौ करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है. चौधरी ने कलेक्टर कार्यालय स्थित कॉलोनी सेल विभाग से 2009-10 में जमीन सीलिंग से मुक्त होकर निजी खाते में दर्ज होना बताई गई. निलेश चौधरी के विकास कंसल्टेंट शरद पिता रामजीलाल गुप्ता है, जिन्होंने सीलिंग की जमीन पर विकास किया. इसी आधार पर 8 जनवरी 25 को कॉलोनी सेल से विकास अनुमति ले ली. इसके बाद जून 26 में रेरा पंजीयन भी करा लिया। बताया जा रहा है कि कॉलोनी में अन्य कई लोग भी साझेदार हैं.
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब नीलेश चौधरी की स्वास्तिक ग्रैंड कॉलोनी के पास की जमीन पर मेसर्स ल्यूमिनियस इन्फ्रास्ट्रख्र के मेहुल पिता नवीन मेहता ने भी कॉलोनी सेल से विकास अनुमति मांगी. कॉलोनी सेल ने विकास अनुमति का आवेदन निरस्त कर दिया. कॉलोनी सेल ने बताया कि उक्त जमीन सीलिंग की है. इसके बाद मेहुल मेहता ने आपत्ति लेकर शिकायत की.
शिकायत पर कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए, जिसमें उक्त मामला पकड़ में आया कि झूठे शपथ पत्र और झूठी जानकारी देकर सीलिंग की जमीन निजी खाते में दर्ज होना बताया गया. जांच में एसडीएम कार्यालय के आदेश रजिस्टर में 8 दिसंबर 2010 का आदेश क्रमांक डाला हुआ है, लेकिन आदेश की प्रति नहीं है. शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने कॉलोनी सेल विभाग प्रभारी अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य को अनुमति निरस्त करने के आदेश दिए. इसके बाद एडीएम रिंकेश वैश्य ने सीलिंग की जमीन पर विकसित स्वस्तिक ग्रैंड कॉलोनी की विकास अनुमति निरस्त कर दी
