
तेंदूखेड़ा/दमोह। कुत्ते के काटने के बाद रेबीज का इंजेक्शन न लगवाने से एक युवक की मौत हो गई। मौत के बाद गुरुवार को दाह संस्कार में शामिल परिजनों में रेबीज फैलने की आशंका के चलते करीब 70 लोगों ने एहतियातन रेबीज के इंजेक्शन लगवाए हैं।जानकारी के अनुसार नगर के ठेकेदार गुड्डू विश्वकर्मा पिछले तीन साल से जबलपुर में रह रहे थे। तीन माह पहले जबलपुर में उन्हें कुत्ते ने काट लिया था। लेकिन उन्होंने रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगवाया। इसी कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।मृतक का शव तेंदूखेड़ा लाया गया। पोस्टमार्टम के बाद उनका दाह संस्कार किया गया। दाह संस्कार में करीब 100 रिश्तेदार शामिल हुए। इनमें से अधिकांश ने शव को हाथ लगाया था।रेबीज फैलने की आशंका को देखते हुए दाह संस्कार में शामिल परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा पहुंचकर रेबीज के इंजेक्शन लगवाए। इनमें मृतक के पुत्र सहित करीब 70 परिजन शामिल हैं। बीएमओ डॉ. अशोक बारेनिया। ने बताया कि रेबीज एक घातक बीमारी है। सतर्कता के चलते मृतक के परिजनों ने इंजेक्शन लगवाए हैं। वर्तमान में रेबीज के एक इंजेक्शन की डोज से 8-10 लोगों को इंजेक्शन लगाया जा सकता है।स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि कुत्ते या अन्य जानवर के काटने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर रेबीज का टीका अवश्य लगवाएं।
