
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा पशुपालन एवं गौ-संवर्धन विभाग अपने पास रखने के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा है कि असली परीक्षा विभाग अपने पास रखने की नहीं, बल्कि इससे प्रदेश में पशुपालन और गौ-कल्याण व्यवस्था में ठोस सुधार लाने की है। उन्होंने कहा कि विभागों का आवंटन मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है, लेकिन प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि यह निर्णय केवल प्रतीकात्मक साबित होगा या इससे जमीनी स्तर पर बदलाव भी दिखाई देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी वर्षों से गौ-सुरक्षा को राजनीतिक प्राथमिकता बताती रही है, लेकिन प्रदेश में गौवंश की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। गौशालाओं में चारा, पानी, दवाइयों और अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी बनी हुई है।
जीतू पटवारी ने विधानसभा में सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में आवारा मवेशियों से जुड़े 237 सड़क हादसे हुए, जिनमें 94 लोगों की मृत्यु और 133 लोग घायल हुए। उनका आरोप है कि गौशालाओं को मिलने वाली सरकारी सहायता भी प्रति पशु प्रतिदिन होने वाले वास्तविक खर्च, जो लगभग 70 रुपये बताया जाता है, से काफी कम है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से पशुपालकों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करने, गौशालाओं को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने तथा आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक करने की मांग की।
