वॉशिंगटन, मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि बुधवार दोपहर 3 बजे शुरू हुए इन हमलों में ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया, जिनका उपयोग हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को धमकाने के लिए किया जाता था। इससे पहले सुबह भी 90 मिनट का एक सटीक ऑपरेशन चलाया गया था, जिसमें कोस्टल डिफेंस सिस्टम और क्रूज मिसाइल साइट्स को तबाह किया गया।
रणनीतिक नाकाबंदी और सैन्य तैनाती
अमेरिका ने केवल हवाई हमले ही नहीं किए, बल्कि ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी भी और अधिक कड़ी कर दी है। सेंटकॉम के अनुसार, नाकाबंदी का उल्लंघन करने वाले दो कमर्शियल जहाजों को पहले ही दूसरी दिशा में मोड़ दिया गया है। इस पूरे क्षेत्र में अमेरिका ने अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाते हुए 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक व्यापार के इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को ईरानी मिलिट्री के खतरों से पूरी तरह सुरक्षित करना है।
ईरानी शहरों में धमाके और क्षेत्रीय अस्थिरता
हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के अहवाज और चाबहार शहरों में धमाकों की खबरें सामने आई हैं, हालांकि इनकी आधिकारिक पुष्टि अभी प्रतीक्षित है। अमेरिकी सेना की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ये हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर नहीं कर दिया जाता जो अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार और वैश्विक व्यापार पर इस बढ़ते सैन्य तनाव का गहरा असर पड़ रहा है, जबकि अमेरिका किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

