जाहिदान, 15 जुलाई (वार्ता) अमेरिका ने मंगलवार को लगातार चौथी रात ईरान पर हमला कर पाकिस्तान की सीमा से सटे दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिस्तान और बलूचिस्तान क्षेत्र को निशाना बनाया गया।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ ने सिस्तान और बलूचिस्तान के बंदरगाह और समुद्री संगठन के जनसंपर्क विभाग के हवाले से बताया कि चाबहार के बंदरगाह शहर में एक समुद्री यातायात नियंत्रण केंद्र पर अमेरिकी प्रक्षेपास्त्र गिरा, जिससे उसे क्षति पहुंची है। इस केंद्र का उपयोग मुख्य रूप से समुद्र में मछुआरों से जुड़े खोज और बचाव अभियानों तथा समुद्री व्यापार की सुरक्षा की निगरानी के लिए किया जाता है।
ओमान की खाड़ी के उत्तरी तट पर स्थित चाबहार को संघर्ष की शुरुआत में भी निशाना बनाया गया था, लेकिन अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम टूटने के बाद से यह शहर अधिक प्रमुखता से निशाने पर आ गया है। यह बंदरगाह ऐतिहासिक गांव तिस के करीब है, जो कम से कम 2500 ईसा पूर्व के पुरातात्विक अवशेषों वाला क्षेत्र है। विस्तृत सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से सुन्नी बलूच उग्रवादियों के विद्रोह के कारण अस्थिरता का सामना कर रहा है। इरना की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार तड़के अमेरिका ने सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के ही बामपुर में एक सैन्य अड्डे पर 13 मिसाइलें दागीं। इस हमले में ईरान के सात सैन्यकर्मी मारे गये, जबकि कई अन्य घायल हो गये। इरना के अनुसार, फारस की खाड़ी में स्थित बंदर अब्बास और हेंगाम द्वीप पर भी धमाकों की रिपोर्ट हैं।
अर्ध-सरकारी ‘मेहर समाचार एजेंसी’ ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के मुहाने के पास स्थित शहर सिरीक के निवासियों ने दूर से कई विस्फोटों की आवाजें सुनने की बात कही है। अमेरिकी सेना ने कहा कि रात भर चले इस अभियान में तटीय क्षेत्रों और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के दर्जनों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर “सात घंटे तक लगातार” हमले किये गये।
