
इंदौर। शहर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल के पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए है। इसके साथ ही कई प्रकार की खाद्य सामग्री अमानक स्तर की पाई गई हैं, जिसके सैंपल जांच में फेल हो गए है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस दिया है, उसके बाद फिर से जांच कराई जाएगी।
पिछले महीने शहर के प्रसिद्ध शिशुकुंज इंटरनेशन स्कूल में 150 सौ से ज्यादा बच्चें बीमार हो गए थे। ज्यादातर बच्चें स्कूल की कैंटीन से खाद्य प्रदार्थ खाने और स्कूल का पानी पीने के कारण बीमार हुए थे। उक्त मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल स्कूल के पानी और करीब 23 खाद्य सामग्रियों का सैंपल लेकर कैंटीन सील कर दिया था।
खाद्य सुरक्षा विभाग की आज मिली रिपोर्ट में शिशुकुंज स्कूल के पानी में भी भागीरथपुरा कांड में मिले ई कोलाई और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए है। उक्त जानलेवा बैक्टीरिया पेट में संक्रमण कर उल्टी दस्त और तेज बुखार के साथ मरीज को गंभीर अवस्था में पहुँचा देते है। गनीमत रही कि बच्चों में ज्यादा संक्रमण नहीं फैला, नहीं तो स्थिति गंभीर हो जाती।
खाद्य सामग्री के सैंपल जांच रिपोर्ट में एक्सपायरी डेट का नमकीन, तुअर दाल और अमूल का आइसक्रीम सहित मौके पर बने हुए खाद्य प्रदार्थ खाने लायक नहीं पाए गए। उक्त सैंपलों में अधिकांश खाद्य सामग्री बच्चों को अमानक स्तर की दी जा रही थी, जिससे बच्चें बीमार हो गए थे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि जांच रिपोर्ट में पानी में जानलेवा बैक्टेरिया ई कोलाई और कोलीफॉर्म पाए गए है । साथ ही नमकीन, तुअर दाल और बने खाद्य प्रदार्थ के सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। स्कूल प्रबंधन को 14 दिन का नोटिस दिया है, इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग फिर से पानी सहित सभी खाद्य प्रदार्थों की जांच करेगा। इसके बाद फिर कैंटीन से बच्चों को खाद सामग्री और पानी पीने की इजाजत दी जाएगी।
