कल निकलेंगे जगत के नाथ जगन्नाथ महाप्रभु , हजारों भक्तों ने पाया प्रसाद

दमोह। प्राचीन श्री जगदीश स्वामी मंदिर पुराना थाना पुरेना तालाब 15 दिनों तक बीमार रहे पंद्रह दिन बाद दर्शन देने जगन्नाथ स्वामी कल गुप्त नौ रात्रि रवि योग में निकलेंगे.भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की वार्षिक रथयात्रा के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है.कल शाम 5 बजे बजे मंदिर से भव्य रथ यात्रा नगर भ्रमण के लिए निकलेगी. यह आयोजन आस्था और समरसता का प्रतीक है.भगवान जगन्नाथ हर साल अपने मंदिर से बाहर निकलकर ‘रथ यात्रा’ निकालते हैं ताकि वे अपने सभी भक्तों—विशेष रूप से जो मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते—को दर्शन दे सकें और जाति-भेद के बिना सबके साथ प्रेम का आदान-प्रदान कर सकें ,मुख्य रूप से यह यात्रा पौराणिक कथाओं के अनुसार अपनी बहन सुभद्रा की इच्छा पूरी करने के लिए निकाली जाती है, जिसमें वे दोनों भाइयों (जगन्नाथ और बलभद्र) के साथ अपनी मौसी के घर पर जाते हैं।

रथ यात्रा एक दिन पूर्व प्रति बर्षानुसार इस बर्ष भी सुबह 11 बजे से रात्रि 11 बजे विशाल किया जाता है भंडारा भगबान

जगन्नाथ के भात खो

जगत पसारे हाथ।

को भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की वार्षिक रथयात्रा के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है. मंदिर परिसर में पारंपरिक मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना हुआ है और श्रद्धालुओं में रथयात्रा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है.श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और बहिन सुभद्रा की रथ यात्रा के पूर्व सुबह 8 बजे से विधिवत अभिषेक पूजा-अर्चना के बाद शाम 5 बजे शहर भ्रमण के लिए रवाना होगी. रथयात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, श्री जगदीश स्वामी मंदिर पुराना थाना से टॉकीज चौराहा बकौली चोक हनुमान गढ़ी मंदिर घंटाघर उमा मिस्त्री तलैया महाकाली चौराहा सिटी नाल पुनः पुराना थाना में मोसी के घर पर जगन्नाथ स्वामी रुकेंगे जहां श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे. विभिन्न स्थानों पर रथ का स्वागत भी किया जाएगा.

*रथ और मंदिर परिसर को दिया गया अंतिम रूप*

रथयात्रा को लेकर कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं. रथ को पारंपरिक स्वरूप में सजाने के साथ उसकी तकनीकी जांच भी की गई है।श्री जगदीश स्वामी मंदिर के पुजारी पंडित नर्मदा प्रसाद गर्ग जी ने रथयात्रा को बताया आस्था और समरसता का प्रतीक।जगन्नाथ सेवा समिति ने नगरवासियों, माताओं-बहनों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में रथयात्रा में शामिल होने की अपील की है. समिति का कहना है कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और आस्था का प्रतीक भी है. इस अवसर पर सभी वर्गों के लोग मिलकर भगवान के रथ को खींचते हैं.

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान जगन्नाथ स्वयं अपने भक्तों के बीच नगर भ्रमण पर निकलते हैं. रथ के दर्शन, रथ खींचने और यात्रा में शामिल होने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. इसी आस्था के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की वार्षिक रथयात्रा के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है.कल शाम 5 बजे बजे मंदिर से भव्य रथ यात्रा नगर भ्रमण के लिए निकलेगी. यह आयोजन आस्था और समरसता का प्रतीक है.भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की वार्षिक रथयात्रा के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है. मंदिर परिसर में पारंपरिक मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना हुआ है और श्रद्धालुओं में रथयात्रा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है.

श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और बहिन सुभद्रा की रथ यात्रा के पूर्व सुबह 8 बजे से विधिवत अभिषेक पूजा-अर्चना के बाद शाम 5 बजे नगर भ्रमण के लिए रवाना होगी. रथयात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, श्री जगदीश स्वामी मंदिर पुराना थाना से टॉकीज चौराहा बकौली चोक हनुमान गढ़ी मंदिर घंटाघर उमा मिस्त्री तलैया महाकाली चौराहा सिटी नल पुनः पुराना थाना में अपनी मोसी के घर पर जगन्नाथ स्वामी रुकेंगे जहां श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे. विभिन्न स्थानों पर रथ का स्वागत भी किया जाएगा.

*रथ और मंदिर परिसर को दिया गया अंतिम रूप*

रथयात्रा को लेकर कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं. रथ को पारंपरिक स्वरूप में सजाने के साथ उसकी तकनीकी जांच भी की गई है, श्री जगदीश स्वामी मंदिर के पुजारी पंडित नर्मदा प्रसाद गर्ग जी ने रथयात्रा को बताया आस्था और समरसता का प्रतीक।जगन्नाथ सेवा समिति ने नगरवासियों, माताओं-बहनों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में रथयात्रा में शामिल होने की अपील की है. समिति का कहना है कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और आस्था का प्रतीक भी है. इस अवसर पर सभी वर्गों के लोग मिलकर भगवान के रथ को खींचते हैं.धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान जगन्नाथ स्वयं अपने भक्तों के बीच नगर भ्रमण पर निकलते हैं. रथ के दर्शन, रथ खींचने और यात्रा में शामिल होने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. इसी आस्था के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होते हैं.

आप सभी भक्तजनों से श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर पुराना थाना रथ यात्रा व श्री प्यासी मंदिर ट्रस्ट कमेटी दमोह ने अपील की है कि रथ यात्रा में भाई ,माताएं बहने सभी सनातनी रथ खींच कर धर्म लाभ अर्जित करें।

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