सतना : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इसी माह संभावित सतना दौरे के मद्देनजर पश्चिम मध्य रेल जबलपुर के रेल महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह सोमवार को सतना पहुंचे. जहां पर उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत सतना रेलवे स्टेशन पर जारी पुनर्विकास कार्य, कैमा माल गोदाम और अन्य विकास कार्यों के साथ-साथ ललितपुर सिंगरौली रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत सतना-देवेंद्र नगर रेलखण्ड विस्तृत निरीक्षण किया. इसी दौरान जीएम द्वारा यह खुशखबरी भी सुनाई गई कि अगले 3-4 महीने में सतना और सीधी के बीच रेल नेटवर्क जुड़ जाएगा.
सोमवार की सुबह विशेष ट्रेन से रेल महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह सतना रेलवे स्टेशन पर पहुंचे. जहां पर औपचारिक स्वागत के फौरन बाद ही उन्होंने निरीक्षण शुरु कर दिया. जीएम के साथ तकरीबन सैकड़ा भर मण्डलीय रेल अधिकारियों-कर्मचारियों का दल भी मौजूद था. फुट ओवर ब्रिज से होते ही जीएम ने लोको शेड और यार्ड क्षेत्र पर नजर दौड़ाई. जिसके बाद सडक़ के रास्ते पैदल चलते हुए उन्होंने स्टेशन सहित रेलवे कालोनी क्षेत्र की शहर से रोड कनेक्टिविटी की स्थिति को बारीकी से समझा. इसी दौरान उनकी नजर 2 नए ओवरहेड टैंक के बीच में स्थित 1 पुराने लोहे के बड़े टैंक पर पड़ी.
जिसे उन्होंने जल्द डिसमेंटल कराने के निर्देश दिए. पैदल निरीक्षण के दौरान जारी चर्चा के दौरान वे सीनियर डीईएम कंस्ट्रक्शन से रेलवे के साथ-साथ शहर में मौजूद फ्लाईओवर और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं के बारे में जानकारी भी ली. इसी कड़ी में जीएम ने रेलवे प्लेटफार्म से होते हुए सकुलेटिंग क्षेत्र का निरीक्षण भी किया. चूंकि जीएम के निरीक्षण से पहले ही साफ-सफाई सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं चौक-चौबंद कर दी गईं थीं. लिहाजा निरीक्षण के दौरान जीएम को ऐसी कोई विशेष खामी नजर नहीं आई. निरीक्षण पूरा करने के बाद वे अधिकारियों की टीम के साथ स्टेशन प्रबंधक कक्ष में पहुंच गए.
जहां पर उन्होंने रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना से जुड़े सभी कार्यों का बारी-बारी से गहन परीक्षण किया. जिसके लिए रेल अधिकारियों के साथ-साथ संविदा कंपनी प्रतिनिधियों ने चरणबद्ध तरीके से प्रजेंटेशन दिया. वहीं दोपहर होते-होते सांसद गणेश सिंह भी वहां पहुंच गए. सांसद के साथ जीएम की सौजन्य भेंट के बाद स्टेशन विकास, यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ क्षेत्र की रेल आवश्यकताओं से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई. इसी दौरान सांसद श्री सिंह द्वारा दिए गए सुझावों का भी जीएम ने गंभीरता पूर्वक संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चत करने के निर्देश मौके पर ही दिए.
कैमा स्टेशन का निरीक्षण
सांसद और रेल महाप्रबंधक कैमा रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां पर यात्री सुविधाओं के साथ-साथ माल यातायात से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया. इसी कड़ी में कैमा माल गोदाम का निरीक्षण करते हुए माल लदान सहित परिचालन व्यवस्था की समीक्षा की गई. इस दौरान जीएम ने परिचालन को और अधिक सुगम व प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए.
सतना-देवेंद्रनगर रेलखण्ड की समीक्षा
कैमा रेलवे स्टेशन व मालगोदाम का विस्तृत निरीक्षण करने के बाद रेल महाप्रबंधक ने ललितपुर-सिंगरौली रेललाइन परियोजना के अंतर्गत सतना-देवेंद नगर रेल खण्ड की समीक्षा की. रेल खण्ड का निरीक्षण करते हुए रेलवे ट्रैक, सिग्रलिंग प्रणाली और ओवरहेड इक्विपमेंट जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान जीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरुप पूर्ण किए जाएं, ताकि भविष्य में ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित सुचारु और निर्बाध रुप से सुनिश्चत हो सके. गौरतलब है कि सतना देवेंद्र नगर रेलवे ट्रैक पर विद्युतीकरण का कार्य अंतिम चरण में है, और अगले 3:5 महीने में इसे सीधी से जोडऩे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
चंद माह में जुड़ेंगे सीधी-
सतनास्टेशन प्रबंधक कक्ष में मीडिया के साथ औपचारिक जानकारी साझा करते हुए जीएम श्री सिंह ने बताया ललितपुर-ङ्क्षसगरौली रेल लाइन परियोजना की प्रगति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हर महीने किसी न किसी रेलखण्ड का सीआरएस परीक्षण कराया जा रहा है. इसी कड़ी में अगले 3-4 महीने में सतना और सीधी आपस में रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. डी-कंजेशन प्लान के अंतर्गत सतना का गुड्स शेड कैमा स्थानांतरित किया जा रहा है. जहां पर रेलवे प्लेटफार्म का कार्य लगभग पूरा हो चुका है. जबकि सिग्रलिंग और केबलिंग कार्य के टेंडर इसी माह जारी कर दिए जाएंगे. भविष्य को देखते हुए मुख्त्यागंज में स्टेशन का निर्माण से लेकर सगमा तक बेहतर कनेक्टिविटी पर कार्य जारी है. अगल वर्ष के अंत तक सतना रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्य से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं को तैयार कर लेने का लक्ष्य रखा गया है. जिसके अंतर्गत सतना स्टेशन पर 2 नए प्लेटफार्म, अतिरिक्त बर्थिंग ट्रैक, आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम और बेहतर ड्रैनेज सिस्टम की व्यवस्था भी तैयार की जाएगी.
