इंदौर: नगर निगम भवन अनुज्ञा शाखा ने कॉलोनी सेल की आश्रय निधि के लिए बहुमंजिला इमारतों के प्रमाण पत्र रोक दिए है. साथ ही आश्रय निधि जमा नहीं करने तक मौके पर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए हैं. बताया जा रहा है कि शहर करीब 3 सौ नोटिस नगर निगम ने दिए है, जिसमें से 90 प्रतिशत बहुमंजिला इमारतों को प्रमाण पत्र लेना बाकी है.
राज्य शासन ने नगर पालिका अधिनियम 1956 के तहत कॉलिनी विकास नियम 2021 के प्रचलित नियमों के तहत भूमि/ भूखंडों पर विकास अनुमति / एनओसी के लिए कॉलोनी सेल विभाग को आश्रय निधि वसूलने का अधिकार दिया है. भवन अनुज्ञा शाखा ने निगम सीमा में जनवरी 2022 के बाद स्वीकृत नक्शों के आधार पर सभी बहुमंजिला इमारतों को नोटिस जारी कर कॉलोनी सेल की आश्रय निधि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं.
मामला राजस्व आय से जुड़ा होने के कारण निगम ने हाईकोर्ट में केविएट भी लगा दी है. इसके तहत नगर निगम को वर्तमान गाइड लाइन का 6 प्रतिशत से राजस्व आय अर्जित करने में मदद मिलेगी. राजस्व आय के लिए करीब 3 सौ बहुमंजिला इमारतों में से लगभग 270 इमारतों को कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी होना बाकी है. उक्त सभी इमारतों के प्रमाण पत्र आश्रय निधि जमा करने तक रोक लगा दी गई है. नगर निगम के कॉलोनी सेल विभाग को आश्रय निधि से 250 से 300 करोड़ रुपए की राजस्व आय होने की संभावना है.
एनओसी लेना जरूरी
नगर निगम के मुख्य भवन अधिकारी सत्येंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि कॉलोनी सेल की आश्रय निधि जमा करके एनओसी लेना जरूरी है. इसके बाद ही भवन पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे. इसके लिए सभी झोन के भवन अधिकारियों को निर्देश दिए गए है
