सौसर:शासकीय सांदीपनि विद्यालय को नगर से लगभग 2 किमी दूर नवीन भवन में स्थानांतरित किए जाने के बाद से छात्रों के आवागमन की समस्या गहरा गई है। बस सेवा को लेकर पालकों में उपजे भारी रोष के बाद सोमवार को स्कूल परिसर में एक आवश्यक पालक-शिक्षक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पालकों ने बस संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए और मनमाने किराए व अव्यवस्थाओं को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
आर्थिक बोझ और सुरक्षा राम भरोसे
पालकों का कहना है कि स्कूल दूर होने और शासन की ओर से परिवहन की कोई व्यवस्था न होने के कारण उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। नगर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। पालकों ने आरोप लगाया कि बस संचालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं और बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को ठूस-ठूस कर भरा जा रहा है। कई बसें कंडम स्थिति में हैं, जिससे मासूमों की सुरक्षा दांव पर लगी है।
विधानसभा में गूंजेगा मामला: विधायक विजय चौरे
बैठक में विशेष रूप से उपस्थित क्षेत्रीय विधायक विजय चौरे ने पालकों की मांग का समर्थन करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा,सरकार ने घोषणा की थी कि सांदीपनि विद्यालय के छात्रों के लिए निशुल्क परिवहन की व्यवस्था होगी। स्कूल तो शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन बस सेवा शुरू नहीं की गई। मैंने इस समस्या को पूर्व में भी विधानसभा सत्र में उठाया था और आगामी सत्र में फिर से इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाऊंगा।
विधायक ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि वे पालकों की इस लड़ाई में साथ हैं। यदि आगामी तीन माह के भीतर प्रशासन द्वारा छात्रों के लिए निशुल्क बस सुविधा शुरू नहीं की गई, तो वे पालकों के साथ सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
हमारा कोई लेना-देना नहीं: स्कूल प्रबंधन
दूसरी ओर, इस पूरे मामले से स्कूल प्रबंधन ने साफ तौर पर पल्ला झाड़ लिया है। बैठक में मौजूद प्राचार्या श्रीमती शैलजा बत्रा ने कहा कि प्रवेश के समय ही पालकों को स्पष्ट कर दिया गया था कि बस संचालन की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की नहीं बल्कि पालकों की स्वयं की होगी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने पूर्व में बस संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया आयोजित की थी, लेकिन किसी भी एजेंसी ने टेंडर नहीं भरा।
बैठक में ये रहे मौजूद
महत्वपूर्ण बैठक में विधायक विजय चौरे, प्राचार्या श्रीमती शैलजा बत्रा, उपप्राचार्य संजय गवनेकर, पीटीए अध्यक्ष श्रीमती रिंटू खान सहित बड़ी संख्या में आक्रोशित पालक व शिक्षक उपस्थित थे।
