
दमोह। सुशासन की भावना के अनुरूप आमजन को त्वरित व पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख सुधार, भूमि चिन्हांकन, भू-अर्जन सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा की. एडीएम मीना मसराम, नवागत एडीएम राकेश मोहन त्रिपाठी मौजूद थे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का निराकरण समय-सीमा, पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ सुनिश्चित किया जाए.बैठक में आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों व लंबित प्रकरणों की खण्डवार समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री यादव ने एसडीएम को निर्देश दिए कि पटवारियों की रिपोर्ट अधिकतम 15 दिवस में प्राप्त कराई जाए तथा अधीनस्थ अमले की नियमित मॉनिटरिंग की जाए. कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि सीमांकन प्रकरणों का निराकरण पूर्ण निष्पक्षता व पारदर्शिता से किया जाए। तकनीकी सुविधाओं से लैस रोवर मशीन का अधिकतम उपयोग कर सटीक सीमांकन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भूमि विवादों की संभावना न्यूनतम रहे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि “जिसका आवेदन पहले, उसका निराकरण पहले” के सिद्धांत का कड़ाई से पालन किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में खाद एवं यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, उनकी आईडी शीघ्र बनवाई जाए। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी केवल खाद वितरण के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य में भूमि एवं कृषि से जुड़ी विभिन्न शासकीय सेवाओं का महत्वपूर्ण आधार बनेगी।भू-अर्जन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्वामित्व का भली-भांति सत्यापन कर नियमानुसार पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा में तेन्दूखेड़ा तहसील का शत-प्रतिशत कार्य संतोषजनक पाया गया, जबकि दमोह नगर, हटा एवं जबेरा में प्रगति अपेक्षाकृत कम होने पर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण ही सुशासन की पहचान है। प्रत्येक अधिकारी संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि आमजन को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रत्येक पात्र हितग्राही को समय पर न्याय एवं राजस्व सेवाओं का लाभ प्राप्त हो।
