चितरंगी:तहसील चितरंगी के वृत्त कोरावल के ग्राम भुईघरवा पटवारी हल्का फुटहड़वा वृत्त कोरावल के लगभग 50 आदिवासी परिवारों ने उपखंड अधिकारी चितरंगी को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि वन विभाग द्वारा बिना पूर्व सूचना उनके पुश्तैनी मकानों, खेती, बाग-बगीचों, कुओं एवं अन्य संसाधनों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और राजस्व विभाग से भूमि की नाप-जोख कराकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
आवेदन पत्र आज 9 जुलाई को उपखंड कार्यालय चितरंगी में प्रस्तुत किया गया। आवेदन में ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले लगभग 50 वर्षों से उक्त भूमि पर निवास एवं खेती किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वन विभाग द्वारा क्षेत्र में नाली निर्माण एवं अन्य कार्यों के दौरान उनके मकानों और कृषि भूमि पर अतिक्रमण करते हुए नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
इससे वर्षा ऋ तु में अनेक परिवारों के बेघर होने की आशंका उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने एसडीएम से मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम गठित कर संबंधित भूमि की नाप-जोख कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ एवं कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों के मकान, कुएं, बोर, बाग-बगीचों एवं अन्य संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें बेघर होने से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में गुलाब सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
