सतना : प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुण्ड के एक हिस्से का प्रतिबंधित क्षेत्र जिले के बरौंधा थाना अंतर्गत आता है. लेकिन प्रतिबंध को दरकिनार कर कुछ लोग गहरे और तेज बहाव वाले पानी में स्नान करने पहुंच जाते हैं. जिसके चलते हर वर्ष किसी न किसी के डूबने की घटना सामने आती रहती है. इसी कड़ी में मंगलवार को भी सतना निवासी नर्सिंग का एक छात्र वहां पर डूब गया. जिसकी तलाश एसडीआरएएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम द्वारा बुधवार को दिन भर जारी रखी गई, लेकिन इसके बावजूद भी सफलता नहीं मिल सकी.
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल से रुप से बिहार का निवासी और सतना में रहकर नर्सिंग की पढ़ाई करने वाला 25 वर्षीय युवक कुणाल ठाकुर पिता अकुलु अपने 4-5 मित्रों के साथ पन्ना जिले में स्थित बृहस्पति कुण्ड घूमने के लिए गया था. इन दिनों मानसून की सक्रियता की वजह से बृहस्पति कुण्ड और झरने में पानी का बहाव काफी अधिक बना हुआ है. लेकिन इसके बावजूद भी कुणाल अपने मित्रों के साथ कुण्ड में स्नान करने पहुंच गया. इतना ही नहीं बल्कि अधिक खतरा होने के कारण प्रतिबंधित किए गए क्षेत्र में वे पहुंच गए. बताया गया कि स्नान के दौरान कुणाल अचानक गहरे और तेज बहाव वाले पानी की ओर चला गया और डूबने लगा.
जिसे देख उसके मित्रों ने बचाने का प्रयास भी किया. लेकिन तेज बहाव की वजह से वे अधिक आगे तक नहीं जा पाए. लिहाजा पानी से बाहर निकलकर मित्रों ने फौरन ही घटना की सूचना पुलिस को दी. जिसके आधार पर पन्ना जिले के बृजपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई. चूंकि घटनास्थल सतना जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत आता है, लिहाजा मामले की सूचना बरौंधा थाने को दे दी गई. मौके पर पहुंची बरौंधा पुलिस ने मुआयना करने के बाद स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन कराने का प्रयास किया. लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका. जिसके चलते घटना की सूचना एसडीआरएएफ को दे दी गई.
तेज बहाव बन रहा बाधा
मौके पर पहुंची एसडीआरएएफ की टीम ने बुधवार की सुबह से ही व्यापक स्तर पर सर्चिंग अभियान छेड़ दिया. इसी कड़ी में स्थानीय गोताखोरों की भी मदद ली गई. लेकिन गहराई के साथ-साथ पानी का बहाव अधिक तेज होने कारण एसडीआरएएफ टीम को सफलता नहीं मिल सकी. शाम को अंधेरा हो जाने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया गया. बताया गया कि गुरुवार को एक बार फिर से रेस्क्यू अभियान शुरु किया जाएगा. वहीं घटना की जानकारी मिलने पर लापता युवक के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हुआ जा रहा है.
