नयी दिल्ली, (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश में अलीराजपुर के पूर्व ज़िला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के खिलाफ ‘प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज कर आरोपपत्र दाखिल किया है।
ईडी के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने सोमवार कोयह जानकारी दी।
ईडी ने अपनी जांच विशेष पुलिस स्थापना , लोकायुक्त, इंदौर की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। यह प्राथमिकी भदौरिया के खिलाफ ‘प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट’, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 13(2) और 13(1)(बी) के तहत दर्ज की गयी थी। आरोप था कि मध्य प्रदेश सरकार के आबकारी विभाग में नौकरी के दौरान उन्होंने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा की थी।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला कि भदौरिया ने जानबूझकर अपराध से हुई कमाई को अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर महंगी चल और अचल संपत्तियों में निवेश करके छिपाया और उसे वैध संपत्ति के तौर पर दिखाया। ये संपत्तियां उनकी ज्ञात वैध आय के स्रोतों से बहुत ज्यादा थीं और पीएमएलए के प्रावधानों के तहत अपराध से हुई कमाई मानी जाती हैं।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान अपराध की कुल कमाई 18.20 करोड़ रूपये आंकी गयी।
इससे पहले, एजेंसी ने पीएमएलए की धारा 5(1) के तहत एक ‘प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर’ (अस्थायी रूप से संपत्ति ज़ब्त करने का आदेश) जारी किया था, जिसके तहत 18.20 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को ज़ब्त किया गया था। जब्त की गयी संपत्तियों में नकद, सोना, चांदी, अचल संपत्तियां और अन्य संपत्तियां शामिल हैं, जिनके बारे में आरोप है कि इन्हें अपराध से हुई कमाई से हासिल किया गया था।
