इंदौर: शहर में पिछले 5 दिनों से लगातार बातिश हो रही है. मौसम केंद्र के अनुसार पानी गिरने का आंकड़ा भी 12 इंच को पार कर गया है, लेकिन शहर के प्रमुख तालाबों में पानी नहीं आया है. दो तालाब तो सूखे ही है, जिनमें पानी ही नहीं है. इसका बड़ा कारण तालाबों के आसपास पानी आने की चैनल पर अतिक्रमण या चैनलों का निर्माण के कारण बंद हो जाना है.
शहर में पिछले पांच दिनों से लगातार मानसून की बारिश हो रही है. जून सूखा गया, लेकिन अंतिम दिन से जुलाई के पहले चार दिन में मानसूनी बारिश ने अभज तक की सामान्य बारिश का कोटा पूरा कर दिया. शहर में आज तक करीब 12.5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है. पिछले तीन दिनों में तेज और मध्यम बारिश हुई है. पिछले तीन दिन में 8 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है.
इतनी बारिश होने के बावजूद शहर के यशवंत सागर, सिरपुर और छोटा सिरपुर को छोड़कर बाकी सारे तालाब ख़ाली है. उसमें भी दो तालाब में पानी ही नहीं आया, मतलब यह है कि सूखे पड़े है. आज सुबह तक यशवंत सागर में करीब 12 फीट, छोटा सिरपुर पूरी क्षमता से ज्यादा ओर बड़ा सिरपुर में 10 फीट स्तर पर पानी भरा गया है. वहीं लिंबोदी और छोटा बिलावली तालाब सूखे है और वहां पानी जीरो स्तर पर है.
शहर में नगर निगम तालाबों में पानी आने की चैनल सफ़ाई और अतिक्रमण हटाने का लाख दावा करें, पर हकीकत बढ़ते पक्के निर्माण और सड़कों से तालाबों में पानी आने के रास्ते बंद हो गए है. तालाब कैचमेंट एरिया में कॉलोनियों और भारी बसाहट ने पानी आने रास्ता बहुत छोटा ओर कम कर दिया है. इसका परिणाम है कि दो तालाबों की छोड़कर बाकी तालाबों में 25 प्रतिशत भी पानी नहीं आया है और दो तालाब सूखे पड़े है. हालांकि अभी 30 इंच पानी बरसना बाकी है, शायद तालाब पानी से भर जाएं.
शहर के तालाबों में जलस्तर निम्न स्थिति –
नाम वर्तमान स्थिति क्षमता
– यशवंत सागर 11.50 फिट 19 फिट
– पिपलियापाला 4.4 फिट 22 फीट
– बड़ा सिरपुर 10.0 फिट 16 फिट
– छोटा सिरपुर 14.5 फिट 13 फिट
– बड़ा बिलावली 6.2 फिट 34 फिट
– छोटा बिलावली 00.0 फिट 12 फिट
– लिंबोदी 00.0 फिट 16 फिट
