जबलपुर को महिलाओं के लिए देश का सबसे सुरक्षित शहर बनाना है: आई जी

जबलपुर: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल योजनाओं का निर्माण ही नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और समय-समय पर समीक्षा भी आवश्यक है। पिछले एक वर्ष में अभियान के अंतर्गत सेफ्टी ऑडिट, संस्थागत नीतियों में महिलाओं की आवश्यकताओं को शामिल करने, पुलिस बल के प्रशिक्षण, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, ऑपरेशन अभिमन्यु के माध्यम से बालकों को संवेदनशील बनाने तथा ऑटो एवं बस संचालकों के साथ संवाद जैसे अनेक महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। अभियान की सफलता का वास्तविक पैमाना जनता से प्राप्त सकारात्मक फीडबैक है।

सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों से जबलपुर महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर के रूप में राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। यह बातें पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा ने कहीं। महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं समावेशी शहरी वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम एवं यूएन वूमेन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित सेफ सिटीज एंड सेफ पब्लिक स्पेसेज फॉर वूमेन परियोजना की प्रथम वार्षिक समीक्षा बैठक का आयोजन शुक्रवार को घंटाघर के समीप स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस कल्चरल एंड इंफॉर्मेशन सेंटर में किया गया।

महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने नगर निगम और यूएन वूमेन के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने जबलपुर को महिलाओं के लिए देश का सबसे सुरक्षित शहर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति देने महापौर ने एक बड़ी और सकारात्मक सहयोग का संकल्प लेते हुये शहर की 100 महिलाओं को ऑटो-रिक्शा अथवा ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की घोषणा की।
बेहतर अधोसंरचना विकसित करना समय की मांग : कलेक्टर
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक स्थान आज की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज की सोच, प्रशासनिक संवेदनशीलता और आधारभूत सुविधाओं के समुचित विकास से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर अधोसंरचना विकसित करना समय की मांग है।सुरक्षित शहर के निर्माण में सामाजिक जागरूकता और परिवार की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
साझा संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम का सफल संचालन यूएन वूमेन के रुड्राक्ष पाठक एवं नगर निगम के प्राचार्य डॉं. शैलेन्द्र पाण्डेय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। बैठक का समापन सभी हितधारकों द्वारा जबलपुर को महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित, समावेशी और समान अवसरों वाला शहर बनाने के एक दृढ़ और साझा संकल्प के साथ हुआ। यह पहल निश्चित से संस्कारधानी जबलपुर को महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित करेगी।
ये भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष रिंकूज विज, चीफ ऑफ स्टाफ, मध्य भारत एरिया मेजर जनरल संजय गौतम, पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय, नगर निगम आयुक्त
रामप्रकाश अहिरवार, रेलवे से डॉ मधुर वर्मा, मोहम्मद मुन्नवर खान, यूएन वूमेन की कंट्री रिप्रेजेंटेटिव सुश्री शोको इशिकावा एवं डिप्टी कंट्री रिप्रेजेंटेटिव सुश्री कांता सिंह भी मौजूद रहे।

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