नयी दिल्ली, 3 जुलाई (वार्ता) भारत और अफ्रीकी देश माली ने द्विपक्षीय आर्थिक, वाणिज्यिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में बामाको में प्रथम भारत–माली फोरम का आयोजन किया और अपने बढ़ते व्यापारिक सहयोग को संस्थागत रूप प्रदान किया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार इस पहल से दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। माली के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय और वहां भारत के दूतावास के परस्पर सहयोग से “व्यापार एवं रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ बनाना” विषय पर आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता माली की संक्रमणकालीन सरकार के प्रधानमंत्री मेजर जनरल अब्दुलाये माइगा ने की।
इस कार्यक्रम में दोनों देशों की सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगभग 30 भारतीय उद्योगपतियों एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव (एफटी-अफ्रीका) अमित कुमार ने किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान माली में भारत के राजदूत डॉ. एन. नंदकुमार भी उपस्थित रहे।
वाणिज्य विभाग के अनुसार भारत और माली के बीच द्विपक्षीय व्यापार में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में दोनों देशों के बीच व्यापार 32.7 करोड़ डॉलर से अधिक रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
माली से भारत को अप्रसंस्कृत कपास तैयार चमड़ा , काजू , सीसा , गोंद और तिल जबकि भारत से माली को प्रमुख रूप से औषधियाँ , सूती वस्त्र , दोपहिया एवं तिपहिया वाहन और साइकिलें भेजी जाती हैं। विभाग का कहना है कि भारत की ड्यूटी-फ्री टैरिफ प्रेफरेंस (डीएफटीपी) योजना ने दोनों देशों के बीच व्यापार को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
माली का कुल वैश्विक निर्यात लगभग 4 अरब डॉलर है, जबकि भारतीय बाजार में उसके लिए अभी भी लगभग 3.96 अरब अमेरिकी डॉलर की अप्रयुक्त निर्यात क्षमता मौजूद है। यह दोनों देशों के बीच व्यापार विस्तार की व्यापक संभावनाओं का संकेत देता है।
उद्घाटन सत्र और भारतीय तथा माली के प्रदर्शनी स्टॉलों के अवलोकन के बाद—जहाँ सोनालिका ट्रैक्टर, महिंद्रा तथा टाटा मोटर्स द्वारा निर्मित वाहनों का प्रदर्शन किया गया था—दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने व्यापक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) , बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बी2जी) तथा गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (जी2जी) बैठकें कीं। इन बैठकों में नवीकरणीय ऊर्जा औषधि उद्योग , वस्त्र उद्योग , ऑटोमोबाइल विनिर्माण और खनन क्षेत्र में परस्पर सहयोग के विस्तार पर गहन चर्चा हुई।