नयी दिल्ली 02 जुलाई (वार्ता) रेलवे ने दक्षिण पश्चिम रेलवे में बोंडामुंडा ‘ए’ केबिन से बोंडामुंडा लिंक ‘बी’ केबिन तक रेल ओवर ब्रीज (आरओबी) बनाने का निर्णय लिया है। माल ढुलाई की क्षमता और कामकाज की दक्षता बढ़ाने के उदेश्य से बनने वाले 4.59 किलोमीटर लंबे इस पुल के लिए 135 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी प्रदान की है।
रेलवे ने गुरुवार को बताया कि इस परियोजना का मकसद राउरकेला-बोंडामुंडा खंड पर यात्रियों की भीड़ को कम करना है। यह एक औद्योगिक गलियारा है जहाँ खनन और स्टील उत्पादन की गतिविधियों के बढ़ने के कारण माल ढुलाई की प्रक्रिया तेज़ी से बढ़ रही है।
रेलवे के अनुसार इस परियोजना से राउरकेला-बोंडामुंडा खंड में माल ढुलाई में काफी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसकी वजह स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इण्डिया लिमिटेड (सैल) के बारसुआ-तालडीह-काल्टा खनन परिसर का विस्तार, राउरकेला स्टील संयंत्र में उत्पादन वृद्धि और इस हाई-डेंसिटी नेटवर्क (एचडीएन) मार्ग के दोहरीकरण की योजना है।
रेलवे ने कहा कि प्रस्तावित आरओबी मालगाड़ियों की आवाजाही को यात्री ट्रेनों के संचालन से अलग करेगा, जिससे बोंडामुंडा यार्ड में भीड़ काफी कम हो जाएगी। यह अलगाव देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक माल ढुलाई गलियारे में से एक पर लाइन की क्षमता, कामकाज की दक्षता, ट्रेनों की विश्वसनीयता और पूरे नेटवर्क के प्रदर्शन को बेहतर बनाएगी। इस परियोजना के शुरू होने से सालाना 80 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे खनिजों और औद्योगिक उत्पादों की ढुलाई आसान होगी और भविष्य में माल ढुलाई में बढ़ोतरी को भी समर्थन मिलेगा।
