
सीधी।कलेक्टर विकास मिश्रा ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा जल संसाधन विभाग के कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव, कार्यालयों की साफ-सफाई, कर्मचारियों की उपस्थिति तथा कार्य व्यवस्था का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न शाखाओं में रखे अभिलेखों एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए उन्हें व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण किया जाए ताकि आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज समय पर उपलब्ध हो सकें और प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन में किसी प्रकार की कठिनाई न आए।
कलेक्टर ने कार्यालय परिसरों की स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कार्यालय का वातावरण साफ-सुथरा एवं व्यवस्थित होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, अनुपयोगी एवं अनावश्यक सामग्री को हटाने तथा रिकॉर्ड कक्षों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों से निर्माण एवं संधारण कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं तथा शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा प्रत्येक कार्य का समय-समय पर निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।जल संसाधन विभाग के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं, सिंचाई परियोजनाओं एवं कार्यालयीन व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं दक्षता बनाए रखते हुए किसानों एवं आम नागरिकों से जुड़े मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ करें। कार्यालयों में अनुशासन, समयबद्धता और पारदर्शिता बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कार्यालयों में आने वाले नागरिकों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार किया जाए तथा उनके आवेदनों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने दोनों विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयीन व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए, अभिलेखों का नियमित संधारण किया जाए तथा स्वच्छ, व्यवस्थित एवं उत्तरदायी कार्य संस्कृति विकसित करते हुए शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
