
छतरपुर। आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले की 20 कंपोजिट शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इन दुकानों का कुल वार्षिक मूल्य करीब 85 करोड़ रुपये है। लाइसेंस निरस्त होने के बाद विभाग ने सभी दुकानों का संचालन अपने नियंत्रण में ले लिया है। बताया जा रहा है कि जिले में पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी ठेकेदार ने वित्तीय वर्ष शुरू होने के महज तीन महीने बाद ही शराब दुकानों का संचालन छोड़ दिया।
आबकारी विभाग के अनुसार छत्रसाल बेवरेज और भोले विश्वनाथ एसोसिएट के नाम से संचालित इन दुकानों के संचालकों ने केवल तीन माह का लाइसेंसी शुल्क जमा किया था, जबकि शेष नौ माह की राशि बकाया थी। इसी कारण लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई से प्रभावित दुकानों में राजनगर, खजुराहो, बमीठा, गंज, बसारी, चंदनगर, टोरिया टेक, शहर क्षेत्र, गठोरा, सारनी और हरपालपुर समूह की कुल 20 दुकानें शामिल हैं।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रामआसरे चतुर्वेदी ने बताया कि विभाग ने सभी दुकानों का कब्जा ले लिया है। कई दुकानों में शराब का स्टॉक समाप्त होने से फिलहाल बिक्री प्रभावित हो रही है। यदि ठेकेदार स्टॉक हटाकर गए हैं या दुकानें खाली कर सौंपी हैं, तो इसकी भी जांच कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि इन दुकानों के संचालन के लिए 4 जुलाई 2026 को नई निविदाएं (री-टेंडर) खोली जाएंगी। यदि किसी दुकान के लिए बोली प्राप्त नहीं होती है तो आबकारी विभाग स्वयं अपने कर्मचारियों के माध्यम से दुकानों का संचालन करेगा। विभाग का कहना है कि शासन को हो रहे राजस्व नुकसान को रोकने के लिए यह कार्रवाई तत्काल की गई है।
