साल्वर मेडिकल छात्र की छुट्टी को लेकर कॉलेज प्रबंधन पर संदेह गहराया

सतना : नीट यूजी रि-एग्जाम में फर्जीवाड़े के तार अब स्थानीय अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज से जुड़ गए हैं.बिहार के लखीसराय में परीक्षा के दौरान दूसरे छात्र की जगह साल्वर के रूप में रंगे हाथों पकड़े गए मेडिकल छात्र हिमांशु कुमार को प्रतिबन्ध के बाद छुट्टी कैसे दी गई इसको लेकर कॉलेज प्रबंधन भी जांच के दायरे में आ गया है.
गौरतलब है कि नीट की परीक्षा में लगातार मेडिकल छात्रों की संलिप्तता को देखते हुए इस बार राष्ट्रीय मेडिकल परिषद एन एम सी ने राष्ट्रीय स्तर पर सर्कुलर जारी कर मेडिकल छात्रों के लिए एडवाजरी जारी की थी.जिसमें परीक्षा पूर्व छात्रों की छुट्टी पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी.बाद में राज्य के मेडिकल शिक्षा विभाग ने भी इसी को आधार बनाते हुए मेडिकल कालेजों के डीन को एडवाजरी का सख़्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिये थे.इसके बावजूद सतना में अध्ययनरत छात्र को नीट री परीक्षा के पूर्व छुट्टी देने की घटना ने कॉलेज प्रबंधन को भी संदेह के दायरे में ला दिया है.
हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन फिलहाल कुछ भी स्पष्ट कहने से बच रहा है. प्रबंधन का तर्क है कि पुलिस या किसी अन्य जांच एजेंसी की तरफ से अभी तक उनके पास कोई आधिकारिक पत्र या सूचना नहीं आई है, लिहाजा वे अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते.लखीसराय पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, नीट पुनर्परीक्षा में शुभम कुमार वर्मा नाम के परीक्षार्थी की जगह परीक्षा दे रहा हिमांशु कुमार मूल रूप से बिहार के सुपौल जिले के पथरा थाना क्षेत्र के ग्राम जोल्हनिया का निवासी है.इसके विपरीत, मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड्स के अनुसार हिमांशु कुमार पिता शिवनारायण साह ने एडमिशन के दौरान जो निवास प्रमाण पत्र जमा किया है, वह भोपाल जिले की हुजूर तहसील के वार्ड नंबर 38 स्थित 80 फीट रोड का है.

इस बीच कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार,मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र हिमांशु कुमार बीते 7 जून को घर जाने का हवाला देकर अवकाश का आवेदन देकर गया था.उसने 22 जून तक की छुट्टी ली थी, जबकि 21 जून को ही नीट की पुनर्परीक्षा आयोजित की गई थी जिसमें वह फर्जीवाड़ा करते पकड़ा गया.निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी वह कॉलेज वापस नहीं लौटा है।हिमांशु और उसके परिजनों के सभी मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं.जिसके चलते कॉलेज प्रबंधन उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा है,फिलहाल लखीसराय पुलिस इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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