सतना: प्रदेश में युवाओं को नशे के जाल में धकेलने वाले अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। प्रतिबंधित कफ सिरप की अवैध रिफिलिंग और रिपैकिंग कर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करने वाले मुख्य सरगना राहुल कुशवाह को एसटीएफ ने केरल के तिरुवनंतपुरम से गिरफ्तार कर लिया है.आरोपी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था.गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने मुख्य आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.इस नेटवर्क की पूरी परतें खोलने के लिए एसटीएफ जेल में बंद छह अन्य आरोपियों को भी दोबारा रिमांड पर लेकर आमने-सामने पूछताछ करने की तैयारी में है।
एसटीएफ ने इस बड़े रैकेट का खुलासा बीते 29 मई को भोपाल की पटेल सिटी स्थित एक मकान पर छापेमारी के दौरान किया था.वहां से आनरेक्स कफ सिरप की 49,920 बोतलें जब्त की गई थीं.जिसमें तीन नाबालिगों सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अगले ही दिन मुबारकपुर क्षेत्र से कफ सिरप की 23,125 बोतलें और बरामद की गईं। इस पूरे मामले में अब तक कुल 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच में सामने आया है कि इस पूरे अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड राहुल कुशवाह ही है। पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचने के लिए उसने बेहद शातिराना तरीका अपनाया था। राहुल ने अपने सहयोगियों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर डमी फर्में खड़ी की थीं। उसने अर्जुन मालवीय के दस्तावेजों पर अर्जुन ट्रेडर्स नाम की फर्म बनाई, जबकि बालकृष्ण प्रजापति के नाम पर मंडीदीप में विंग्स लाइफ रेमेडीज नामक फर्म का संचालन किया जा रहा था। एसटीएफ इन दोनों डमी प्रोपराइटर्स को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राहुल दिल्ली से आनरेक्स और हरिद्वार से ऑफ-कफ सिरप की बड़ी खेप मंगवाता था.इसके बाद मंडीदीप और अन्य ठिकानों पर डमी फर्मों के जरिए कफ सिरप की अवैध रिफिलिंग और रिपैकिंग की जाती थी.बोतलों पर जो नए लेबल लगाए जाते थे, उन पर जानबूझकर न तो बैच नंबर दर्ज होता था और न ही एक्सपायरी डेट इसके बाद मालवाहक वाहनों के जरिए इस नशे की खेप को रीवा, सतना, मऊगंज , सीधी समेत पूरे विंध्य क्षेत्र और प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सप्लाई किया जाता था. बीते दिनों एसटीएफ ने शहर में कार्यवाही की जिसके बाद तस्करों के नाम सामने आया था
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी राहुल कुशवाह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। वह वर्ष 2020 में भी प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है.जेल से छूटने के बाद उसने दोबारा अपना नेटवर्क सक्रिय किया और इस बार इसका दायरा कई राज्यों तक फैला दिया.एसटीएफ का मानना है कि राहुल से गहन पूछताछ में विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के कई स्थानीय तस्करों और सफेदपोशों के नामों का खुलासा हो सकता है.मामले में आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
