भोपाल। जैनमति धर्मशाला में आयोजित श्री समयसार कलश महामंडल विधान में श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान जिनेंद्र का अभिषेक कर अष्ट द्रव्य से पूजा-अर्चना की गई। मुमुक्षु मंडल एवं डालचंद कमल श्री बाई ट्रस्ट के तत्वावधान में चल रहे इस अनुष्ठान में डॉ. विवेक सागर (दिल्ली) ने प्रवचन देते हुए कहा कि जैन दर्शन में व्यक्ति नहीं, बल्कि गुणों की प्रधानता होती है। उन्होंने बताया कि जैन दर्शन की चार प्रमुख कसौटियां आगम का सेवन, युक्ति का अवलंबन, गुरुओं का उपदेश और स्वभाव का अवलंबन हैं। इनका पालन कर जीव सच्चे सुख की प्राप्ति कर सकता है। प्रतिष्ठाचार्य सुनील धवल के निर्देशन में मंत्रोच्चार के साथ अर्घ्य अर्पित किए गए। डॉ. विवेक सागर ने कहा कि विनय और ज्ञान के साथ की गई आराधना से परिणाम निर्मल होते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में धर्मावलंबी उपस्थित रहे।
