नयी दिल्ली, 24 जून (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघन की जांच के तहत राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (आरईएल) और उससे जुड़े संस्थानों के बेंगलुरु और मुंबई स्थित नौ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है।
ईडी ने बुधवार को बताया कि 23 जून से शुरू की गयी कार्रवाई के दौरान कई संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। जांच में विदेशी लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड के अभाव, अफ्रीकी खदानों में 1,035 करोड़ रुपये के कथित निवेश के समर्थन में दस्तावेजों की कमी तथा संदिग्ध विदेशी संस्थाओं से जुड़े लगभग 3,000 करोड़ रुपये के देय और प्राप्य व्यापारिक भुगतानों के समायोजन का मामला सामने आया है।
तलाशी के दौरान किये गये भौतिक सत्यापन में कंपनी के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच करीब 40 प्रतिशत का अंतर भी पाया गया। एजेंसी ने यह भी उल्लेख किया कि लगभग 7.7 लाख करोड़ रुपये के समेकित राजस्व की रिपोर्ट करने के बावजूद कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन को असामान्य रूप से कम पारिश्रमिक दिया गया।
ईडी के अनुसार जांच में कंपनी के शेयरों में संदिग्ध ब्लॉक ट्रेडिंग और एनआरआई बेनामी निवेशकों के माध्यम से शेयर हेरफेर कर 600 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि देश से बाहर भेजे जाने के संकेत भी मिले हैं। कार्रवाई के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किये गये हैं।
