
जबलपुर। गोंडवाना साम्राज्य की महारानी वीरांगना रानी दुर्गावती के 463 वें बलिदान दिवस पर बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उनकी समाधि स्थल पर माथा टेककर श्रृद्धा सुमन अर्पित किए। साथ ही नर्रई नाला स्थित जहां वीरांगना शहीद हुईं थीं, वहां मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीरांगना रानीदुर्गावती के बलिदान से भारत भूमि और अंचल का भविष्य चमका है। वे जन कल्याण और शौर्य की चरम काष्ठा पर रहीं हैं। आज 500 वर्षों के बाद भी हम यदि इतनी श्रद्धा और गौरव के साथ वीरांगना रानी दुर्गावती का स्मरण कर रहे हैं, तो वह किसी राज परिवार की प्रमुख होने के नाते नहीं, बल्कि उनके दूरगामी जनकल्याणकारी कार्यों और शौर्य की उस गाथा के कारण कर रहे हैं, जिसने भारत की नारी की वीरता को शिखरतम बिन्दु तक रेखांकित किया है। कार्यक्रम में सीएम ने ये भी कहा कि रानी दुर्गावती में शौर्य, पराक्रम और सतीत्व समाहित था।
जनप्रतिनिधियों ने भी अर्पित किए श्रृद्धा सुमन
मुख्यमंत्री के नर्रई पहुंचने के पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी रानी के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए। जबलपुर जिला प्रशासन द्वारा यहां 24 जून को प्रतिवर्ष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की भी सहभागिता होती है। इस बार 4 दिवसीय कार्यक्रम हुए, जिसका समापन बुधवार को मुख्यमंत्री के कर कमलों द्वारा हुआ। इसी क्रम में सुबह भंवरताल में रानी की गजारुढ़ प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया गया।
ये रहे उपस्थित
वीरांगना को श्रद्धांजलि देते समय रानी दुर्गावती की समाधि स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केबिनेट मंत्री संपतिया उइके, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, सुमित्रा बाल्मिीकि, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक सुशील तिवारी, अशोक रोहाणी, अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन समेत भाजपा के समस्त पदाधिकारी, कार्यकर्ता और अधिकारी उपस्थित रहे।
